#राजनीति
November 25, 2025
हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष : ताजपोशी से पहले विनय कुमार पहुंचे दिल्ली, हाईकमान से होगी अहम चर्चा
30 नवंबर को कार्यभार संभालेंगे विनय कुमार
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शिमला। हिमाचल कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष 30 नवंबर, रविवार को शिमला स्थित पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में अपना कार्यभार संभालेंगे। ताजपोशी से पहले उन्हें पार्टी हाईकमान द्वारा दिल्ली बुलाया गया है।
विनय कुमार कल शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। आज दिल्ली में विनय कुमार कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़ेग, प्रियंका वाड्रा, राहुल गांधी सहित पार्टी के अन्य बड़े नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान सभी नेताओं में कई मुद्दों पर अहम चर्चा होगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद राज्य कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा- जिसके लिए नेताओं ने लाबिंग करना भी शुरू कर दी है। जैसे कि पार्टी हाईकमान पहले ही एक व्यक्ति एक पद लागू करने की बात कह चुका है। ऐसे में इस बार कई युवा चेहरे देखने को मिलेंगे।
विनय कुमार की नियुक्ति को न केवल कांग्रेस में बड़ा बदलाव माना जा रहा है बल्कि यह संकेत भी है कि हाईकमान 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से मजबूत हाथों में सौंपना चाहता है।
हिमाचल कांग्रेस में पिछले कई महीनों से बदलाव की मांग और खींचतान चल रही थी। प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर हाईकमान स्तर पर लगातार मंथन जारी था। कई नामों पर विचार हुआए लेकिन अंततः संगठन ने एक शांत स्वभाव, सरल छवि और जमीनी पकड़ वाले नेता विनय कुमार को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
कुछ दिन पहले विनय कुमार दिल्ली पहुंचे थे। जहां उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी। उस समय यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट बताई गई थी, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बड़े संकेत के रूप में देखा गया। अब उनकी नियुक्ति के बाद स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली में हुई वह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण थी और इसी दौरान संगठन में बदलाव को लेकर अंतिम चर्चाएं हुई थीं।
सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी क्षेत्र से आने वाले विनय कुमार अनुसूचित जाति समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी छवि एक जमीनी नेता की रही है, जो लगातार जनता से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने शांत, संतुलित और मर्यादित आचरण के साथ सदन का संचालन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी उनकी साफ-सुथरी छवि और संगठनात्मक क्षमता को काफी सराहा जाता है।
विनय कुमार का कहना है कि उन्हें उनके पिता स्व. डॉ प्रेम सिंह से विरासत में मिली है राजनीति का बहुत लाभ मिला है। प्रेम सिंह 6 बार रेणुका विधानसभा के विधायक रहे चुके हैं। प्रेम सिंह को कांग्रेस का ईमानदार नेता माना जाता था। विनय कुमार ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने बड़े यकीन के साथ मुझे ये जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाउंगा और पार्टी संगठन को मजबूत करना मेरी पहले प्राथमिकता होगी।