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January 15, 2026

मुश्किलों में घिरीं कंगना: बठिंडा कोर्ट में पासपोर्ट जब्त करने की मांग, विदेश भागने की जताई आशंका

कंगना रनौत मानहानि केस में बठिंडा कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

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kangana ranaut

शिमला/बठिंडा। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंसी नजर आ रही हैं। किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला पर की गई टिप्पणी का मामला अब अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। गुरुवार को इस केस की सुनवाई बठिंडा कोर्ट में हुई। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान माहौल उस वक्त गरमा गया, जब शिकायतकर्ता पक्ष ने कंगना के विदेश भागने की आशंका जताते हुए उनका पासपोर्ट जब्त करने की मांग कर डाली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुईं कंगना और दूसरे पक्ष के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

पासपोर्ट जब्त करने की मांग

महिंदर कौर की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रघुबीर सिंह बहनीवाल ने अदालत में नई अर्जी दाखिल करते हुए कंगना रनौत का पासपोर्ट जब्त करने की मांग की। वकील का तर्क था कि कंगना एक फिल्म अभिनेत्री हैं और फिल्मों के बहाने विदेश यात्रा कर सकती हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए जब तक मामले का निपटारा नहीं हो जाता, उनका पासपोर्ट जब्त किया जाना चाहिए।

 

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किसान आंदोलन से जुड़ा है मामला

यह मामला वर्ष 2020.21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में कंगना रनौत ने एक बुजुर्ग महिला को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बाद में पता चला कि वह महिला पंजाब के बठिंडा जिले के गांव बहादुरगढ़ की रहने वाली महिंदर कौर हैं। कंगना की टिप्पणी को अपमानजनक और मानहानिकारक बताते हुए महिंदर कौर ने 4 जनवरी 2021 को अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

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कंगना ने मांगी थी बुजुर्ग महिला से माफी

लगातार सुनवाई के बाद बठिंडा कोर्ट ने कंगना को समन जारी किया था। इसके बाद कंगना रनौत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन उन्हें किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिल पाई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद यह मामला निचली अदालत में आगे बढ़ा। हालांकि इससे पहले सुनवाई के दौरान पहुंची कंगना ने बुजुर्ग महिला से माफी भी मांग ली थी, लेकिन बुजुर्ग महिला महिंदर कौर ने कंगना रनौत को माफ नहीं किया। 

 

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आज कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

अब आज गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। अभियोजन पक्ष ने कंगना की टिप्पणी को एक बुजुर्ग महिला की गरिमा और सम्मान के खिलाफ बताया, जबकि बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें पेश कीं। लंबी बहस के बाद अदालत ने मामले में अपना फैसला शाम 4:30 बजे तक सुरक्षित रख लिया। इस केस पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें एक तरफ किसान आंदोलन से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है, तो दूसरी ओर एक सांसद और चर्चित अभिनेत्री की भूमिका सवालों के घेरे में है। अब सबकी नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं जो कंगना रनौत के लिए आगे की राह तय कर सकता है।

क्या है अदालत का फैसला

बता दें कि आज कंगना रनौत की तरफ से दी गई व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी पर बहस हुई। कंगना के वकील का कहना था कि वह एक सांसद है और देश के विभिन्न हिस्सों में उन्हें जाना पड़ता है। ऐसे में वह हर तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकती। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बाद में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया, जिसमें कोर्ट ने कंगना को व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी को स्वीकार कर लिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि कंगना आगामी सुनवाइयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हो सकेगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को तय की गई है।

 

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