#राजनीति
December 30, 2025
सुक्खू सरकार पर जयराम का तंज : चिट्टे के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाओं को दिया FIR का तोहफा
जिला मुख्यालय में भाजपा ने किया जोरदार धरना-प्रदर्शन
शेयर करें:

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, चिट्टे के बढ़ते नेटवर्क और सरकार की नीतियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिलासपुर जिले के लघट क्षेत्र में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं पर दर्ज एफआईआर के विरोध में आज मंगलवार को जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा ने जिला मुख्यालय में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि, प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। मगर सरकार नशे के सौदागरों पर कार्रवाई करने के बजाय उन माताओं और बहनों को निशाना बना रही है, जो अपने बच्चों को चिट्टे की गिरफ्त से बचाने के लिए सड़कों पर उतर रही हैं।
उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि सरकार की यह नीति समाज के लिए खतरनाक संकेत है। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने समय रहते चिट्टे और नशे के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यही नशा एक दिन कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा नशे के खिलाफ आयोजित किए जा रहे वॉकथॉन जैसे कार्यक्रमों पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने इन्हें महज दिखावा बताया। उन्होंने कहा कि नशा इवेंट और प्रचार से नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और कठोर कार्रवाई से खत्म होता है।
उनका आरोप था कि सरकार ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं को उलझाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। लघट प्रकरण का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि महिलाओं पर एफआईआर दर्ज होना इस बात का संकेत है कि पुलिस पर माफिया का दबाव है।
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि, आखिर किसके इशारे पर पुलिस ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि, बिलासपुर में सरकारी मंचों पर माफिया का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में 32 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार, सुक्खू सरकार की नई पहल ने खोले रोजगार के द्वार
जिसके चलते भाजपा विधायकों को कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है। अपने कार्यकाल को याद करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान नशे के खिलाफ एक संयुक्त एक्शन प्लान बनाया गया था। पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बैठकों के माध्यम से बड़े तस्करों तक पहुंच बनाई गई और कई अहम गिरफ्तारियां हुईं।।