#राजनीति
February 19, 2026
जयराम की सुक्खू सरकार को नसीहत: नीयत साफ होती तो हम साथ चलते.. अपना व्यवहार बदलें CM
जयराम ठाकुर बोले कांग्रेस की विफलताओं के चलते बंद हुई आरडीजी
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) और गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब व्यक्तिगत तल्खी तक पहुंच गई है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा हमला बोलते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा राज्य के हितों के लिए केंद्र से बात तो करेगी, लेकिन मुख्यमंत्री के अड़ियल और अपमानजनक व्यवहार के चलते उनके साथ खड़ा होना संभव नहीं है।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक तरफ विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा करते हैं और दूसरी तरफ लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को कोसने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का व्यवहार और उनकी भाषा ऐसी नहीं है कि उनके साथ कहीं भी (दिल्ली या केंद्र के समक्ष) जाया जा सके। यदि सरकार को विपक्ष का साथ चाहिए था, तो उन्हें अपना आचरण जिम्मेदार और लोकतांत्रिक रखना चाहिए था। आप एक हाथ से गालियां देंगे और दूसरे हाथ से सहयोग मांगेंगे, यह नहीं चलेगा।
यह भी पढ़ें : आर्थिक संकट की आहट: सीएम सुक्खू पूरी कैबिनेट संग आज करेंगे दिल्ली कूच, राहुल संग बनाएंगे रणनीति
रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने के मुद्दे पर जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की प्रशासनिक और रणनीतिक विफलता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आरजीडी बंद होना कहीं ना कहीं कांग्रेस सरकार की विफलता भी है। कांग्रेस सरकार केंद्र में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख सकी। उन्होंने नसीहत दी कि केवल राजनीतिक प्रस्ताव लाने और विधानसभा में गलत तथ्य पेश करने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरेगी।
यह भी पढ़ें : CM सुक्खू आज जम्मू -कश्मीर जाएंगे: उमर अब्दुल्ला से होगी विशेष चर्चा, मिलकर बनाएंगे केंद्र पर दबाव
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरडीजी को लेकर सरकार भ्रम फैला रही है। उनके अनुसार जब यह ग्रांट नियमित रूप से मिल रही थी, तब भी राज्य सरकार वित्तीय संकट का हवाला देती रही। ऐसे में सवाल यह है कि समस्या केवल आरडीजी की है या वित्तीय प्रबंधन की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आरडीजी में कटौती या बदलाव हुआ है तो वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बेहतर वित्तीय अनुशासन और ठोस नीति के जरिए स्थिति संभाले। हर समस्या के लिए केंद्र या पूर्व सरकार को दोष देना समाधान नहीं है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल राज्यसभा चुनाव : बाहरी बनाम लोकल फिर बना मुद्दा, कांग्रेस के सामने चुनौती- BJP भी...
जयराम ठाकुर ने साफ किया कि भाजपा के लिए हिमाचल का हित सर्वोपरि है, लेकिन वे कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगे। भाजपा अपने स्तर पर केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल की पैरवी करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू हिमाचल की समस्याओं के समाधान में नहीं, बल्कि अपनी राजनीति बचाने और जनता का ध्यान भटकाने में रुचि रख रहे हैं।
यह भी पढ़ें: हिमाचल की सेब मंडियों में बड़ा खेल! 8 करोड़ की ठगी कर फरार हुए आढ़ती - APMC पर सवाल
जयराम ठाकुर ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता इस सरकार की कार्यप्रणाली से इतनी त्रस्त हो चुकी है कि वह कल की बजाय आज इस सरकार के जाने की कामना कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो सदन के भीतर और बाहर लगातार असत्य तथ्य परोस रहे हैं।