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May 31, 2025

हो गया तय! हिमाचल कांग्रेस को जून में मिलेगा नया सरदार, हाईकमान इस नाम पर लगाएगा मुहर

रजनी पाटिल से मुलाकातों का दौर देर रात तक चला,

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congress president himachal

शिमला | हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में हो रही देरी को लेकर पार्टी के भीतर बेचैनी अब खुलकर सामने आ रही है। शुक्रवार को जय हिंद सभा में शामिल होने आईं प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल से कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा पीटरहॉफ शिमला में देर रात तक चलता रहा। एक के बाद एक मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने बंद कमरे में पार्टी की वर्तमान स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।

6 महीने से ठप है संगठन

कांग्रेस नेताओं ने प्रभारी रजनी पाटिल को साफ तौर पर कहा कि नवंबर 2024 से ब्लॉक, जिला और प्रदेश कार्यकारिणी भंग है। इससे न केवल जमीनी स्तर पर संगठन कमजोर हो रहा है, बल्कि कार्यकर्ताओं में भ्रम और हताशा की स्थिति बन गई है। चुनावी वर्ष में यह सुस्ती पार्टी के लिए महंगी साबित हो सकती है।

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कुछ ने प्रतिभा सिंह का समर्थन किया, तो कुछ ने युवा चेहरे को

प्रभारी के सामने कांग्रेस नेताओं के भीतर नेतृत्व को लेकर भी दो राय साफ तौर पर दिखीं। एक गुट जहां मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को ही बनाए रखने की बात कर रहा है, वहीं दूसरा खेमा किसी युवा चेहरे को कमान सौंपने की वकालत कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ विधायकों ने सीधे तौर पर कहा कि चुनावी रणनीति के लिए अब संगठनात्मक सर्जरी जरूरी हो गई है।

दिल्ली में हाईकमान से होगी अंतिम चर्चा

पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और सांसद अजय माकन भी इन बैठकों में मौजूद रहे। शनिवार सुबह रजनी पाटिल और अजय माकन शिमला से दिल्ली रवाना हो गए हैं। अब पार्टी हाईकमान से अंतिम चर्चा के बाद हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर निर्णय लिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 10 जून तक नया अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है।

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कैसे चलेगा संगठन

प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद संगठन की निष्क्रियता कई हलकों में चिंता का विषय बनी हुई है। सवाल यह है कि क्या पार्टी वक्त रहते नेतृत्व और कार्यकारिणी को लेकर स्पष्टता लाकर जमीनी मोर्चों को संभाल पाएगी? क्या यह देरी 2027 की तैयारी को कमजोर तो नहीं कर रही? वहीं पार्टी के अंदर खाते भी कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। यहां पर कार्यकर्ता लगातार अपनी नाराजगी जाहिर करते आए हैं। अब सियासत में चली गुटबाजी से कांग्रेस आने वाले समय में बाहर आ पाएगी ये देखना रहेगा। 

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