#राजनीति
May 31, 2025
सीजफायर पर सियासी संग्राम- CM सुक्खू ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- सेना से क्यों नहीं की बात?
जय हिंद सभा में बोले CM – हिमाचल के वीरों का पराक्रम अमिट है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर केंद्र पर तीखा प्रहार किया है। पिछले कल यानी शुक्रवार को शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित हुई कांग्रेस की जय हिंद सभा में सीएम सुक्खू ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल किया है।ॉ
CM सुक्खू ने कहा कि केंद्र ने हालिया में हुई सीजफायर की घोषणा में तीनों सशस्त्र बलों को विश्वास में नहीं लिया गया था। जो न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि देश की सुरक्षा रणनीति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
सुक्खू ने दावा किया कि यह घोषणा किसी तीसरे देश के माध्यम से इंटरनेट मीडिया पर सामने आई, न कि भारत सरकार की ओर से औपचारिक रूप से। उन्होंने इसे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्णायक और राष्ट्रवादी नेतृत्व के बिल्कुल विपरीत बताया और कहा कि इंदिरा जी के समय राष्ट्रीय सुरक्षा से कभी समझौता नहीं हुआ।
जय हिंद सभा में वर्ष 1962, 1965, 1971, कारगिल और हालिया ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए हिमाचली योद्धाओं और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सूबेदार मेजर पवन कुमार (कांगड़ा) के पिता गरज सिंह ने दो मिनट का मौन रखवाकर की। मुख्यमंत्री ने हिमाचल के चार परमवीर चक्र विजेताओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश केवल देवभूमि नहीं, शूरवीरों की भूमि है।
CM ने तीर्थन घाटी के शरची गांव में पूर्व सैनिक सूबेदार मेजर अनूप राम से हुई मुलाकात का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि अनूप राम ने 1971 युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी की दूरदर्शिता और साहस की बातें साझा कीं, जिसने सेना के भीतर अद्भुत जोश भर दिया था। उसी नेतृत्व की बदौलत भारत ने पाकिस्तान को दो टुकड़ों में विभाजित किया और शिमला समझौते के लिए मजबूर किया।
CM सुक्खू ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी सबसे पहले केंद्र सरकार को समर्थन देने सामने आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी और हिमाचल की सरकार सशस्त्र बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।