#राजनीति
January 9, 2026
पंचायत चुनाव पर HC के फैसले से CM सुक्खू नाखुश : क्या सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार?
फैसले पर बोले CM सुक्खू - “डिजास्टर एक्ट के मायने क्या रह गए?”
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। अदालत ने 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव करवाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, लेकिन इस फैसले पर CM सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामला सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। एक तरफ सरकार ने कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने इस फैसले को जनता की जीत बताया है।
शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाईकोर्ट के आदेश पर नाराजगी जाहिर की। CM ने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस समय डिजास्टर एक्ट के दायरे में है, जो केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया है। ऐसे में चुनाव करवाने को लेकर अदालत का आदेश कई कानूनी सवाल खड़े करता है।
CM सुक्खू ने कहा कि इस फैसले का सरकार गंभीरता से अध्ययन करेगी। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कई बार अदालतें आर्बिट्रेटर की भूमिका में नजर आती हैं, जबकि कानून की व्याख्या बेहद संवेदनशील विषय है। हालांकि CM ने यह भी स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत तौर पर अप्रैल–मई में चुनाव करवाने के पक्ष में थे, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वहीं, पूर्व CM और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हाईकोर्ट के आदेश का खुलकर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार पहले दिन से ही प्रदेशवासियों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का काम कर रही है। पंचायत चुनावों में देरी को उन्होंने लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले ने जनता को उनका हक लौटाया है और यह साबित करता है कि संवैधानिक संस्थाओं को लंबे समय तक ठप नहीं किया जा सकता।
CM सुक्खू के बयान से साफ है कि सरकार इस फैसले के कानूनी पहलुओं की समीक्षा करेगी और संभव है कि अदालत के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करे। उधर, विपक्ष इसे सरकार पर नैतिक दबाव मान रहा है। पंचायत चुनाव को लेकर अब यह मुद्दा सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।