#राजनीति
February 15, 2026
अनुराग ठाकुर बोले- सीएम सुक्खू मेरे साथ चलें दिल्ली; कर्ज पर ब्याज दर करवाएंगे कम
सुक्खू सरकार ने मित्रों पर लुटा दिया सरकारी खजाना
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हमीरपुर। हिमाचल की राजनीति में इन दिनों रैवेन्यू डेफिसिट ग्रांट ;आरडीजीद्ध को लेकर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। एक तरफ जहां कांग्रेस नेता आरडीजी बंद होने पर केंद्र को कोस रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेता सुक्खू सरकार पर अपने मित्रों पर खजाना लुटाने के आरोप लगा रही है। इसी कड़ी में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आरडीजी बंद होने का मुद्दा जनता को गुमराह करने के लिए उठाया जा रहा है, जबकि इसकी जानकारी राज्यों को दो दशक पहले ही दे दी गई थी।
हमीरपुर में एक कार्यक्रम के बाद अनुराग ठाकुर ने कहा कि आरडीजी केवल हिमाचल की नहीं, बल्कि 17 राज्यों की बंद हुई है। केंद्र ने वर्षों पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह अनुदान स्थायी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यदि कांग्रेस को यह पहले से पता था, तो प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब 20 साल पहले मालूम था कि आरडीजी बंद होगी, तो अब सुक्खू सरकार क्यों रो रही है। प्रदेश के सरकारी खजाने को अपने मित्रों पर लुटाने से पहले प्रदेश के बारे में क्यों नहीं सोचा।
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भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने खर्चों में कटौती करने के बजाय अपने करीबियों पर सरकारी संसाधन खर्च किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश पहले से ही भारी कर्ज में डूबा है, लेकिन सरकार प्राथमिकताओं को तय करने में विफल रही है। अनुराग ठाकुर का दावा है कि हिमाचल पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चढ़ चुका है। ऐसे हालात में वित्तीय अनुशासन और राजस्व बढ़ाने की रणनीति बनानी चाहिए थी, न कि मित्रों की सुविधाओं पर खजाना लुटाना चाहिए था।
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ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में हिमाचल प्रदेश कर्ज के बोझ तले दब रहा है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति पहले ही दबाव में है, फिर भी सरकार अपने करीबी लोगों के लिए नई.नई गाड़ियां खरीदने में संसाधन खर्च कर रही है। ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि जनता के टैक्स का पैसा विकास कार्यों के बजाय मित्रों की सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल को अब तक 1.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की है। उनके मुताबिक केंद्र ने विशेष राज्य के दर्जे को बहाल रखने के साथ औद्योगिक पैकेज देकर प्रदेश को मजबूती देने का प्रयास किया, जबकि कांग्रेस सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में विफलता दिखाई।
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार वास्तव में वित्तीय संकट को लेकर गंभीर है, तो मुख्यमंत्री अपनी टीम को लेकर मेरे साथ दिल्ली चलें। वहां वे केंद्रीय वित्त मंत्रालय से मिलकर प्रदेश के कर्ज पर ब्याज दर कम कराने की संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं। उनके अनुसार केवल बयानबाजी से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि ठोस पहल करनी होगी।
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अनुराग ठाकुर ने 2022 के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक कोई भी बड़ी गारंटी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वादों और वास्तविकता के बीच संतुलन नहीं बना पा रही है, जिससे प्रदेश की वित्तीय सेहत पर दबाव बढ़ रहा है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को आर्थिक सहायता और विशेष पैकेज दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार अपनी वित्तीय चुनौतियों के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहरा रही है।