#राजनीति
June 4, 2026
चुनाव 'राम जी' ने नहीं लड़ा था...BJP के 'जय श्री राम' नारे पर भड़के सुक्खू के ये मंत्री; लोकतंत्र को बताया खतरा
'जय श्री राम' के नारे पर छेड़ दी नई बहस
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शिमला। पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद हिमाचल की राजनीति में अब एक नई बहस छिड़ गई है। चुनावी जीत-हार के बीच जहां भाजपा अपने प्रदर्शन को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बता रही है, वहीं कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा के दावों पर तीखा हमला बोला है। खास बात यह रही कि इस बार बहस चुनावी आंकड़ों से आगे बढ़कर जय श्री राम के नारों तक पहुंच गई।
दरअसल, मंत्री जगत नेगी ने साफ शब्दों में कहा कि पंचायत चुनाव भगवान राम का चुनाव नहीं था, बल्कि गांवों के विकास और स्थानीय नेतृत्व को चुनने का चुनाव था। ऐसे में भाजपा को 'जय श्री राम' के बजाय 'लोकतंत्र की जय' बोलनी चाहिए।
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव के परिणामों को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े गए थे और न ही यह भगवान राम के नाम पर हुआ चुनाव था।
नेगी ने कहा कि ये चुनाव दो व्यक्तियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच था। पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताना और हर जगह जय श्री राम के नारे लगाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गलत दिशा में ले जाने जैसा है। भाजपा को लोकतंत्र की जीत का सम्मान करना चाहिए और लोकतंत्र की जय बोलनी चाहिए।
मंत्री ने भाजपा के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें पंचायत चुनाव के नतीजों को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं होते और इन्हें किसी दल के पक्ष या विपक्ष का जनादेश बताना उचित नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 3754 पंचायतों में से लगभग 2400 पंचायतों में कांग्रेस समर्थित प्रधान निर्वाचित हुए हैं। नेगी ने कहा कि पंचायतों में केवल प्रधान ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि असली ताकत वार्ड सदस्यों के पास होती है।
यदि वार्ड सदस्य साथ न हों तो प्रधान अकेले कोई बड़ा निर्णय नहीं ले सकता। जगत नेगी ने आरोप लगाया कि BJP महंगाई, बेरोजगारी और मनरेगा जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफे की मांग करने से पहले जयराम ठाकुर को अपने राजनीतिक आचरण पर नजर डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश की गई थी, लेकिन जनता ने उपचुनाव में अपना जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत हासिल कर यह साबित किया कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़ी है।