#राजनीति
March 26, 2025
हिमाचल में करुणामूलकों के आए अच्छे दिन: जल्द मिलेगी नौकरी, एक साथ निपटेंगे सभी पेंडिंग केस
करुणामूलक नौकरी के 1839 मामले लंबित
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 13वें दिन प्रश्नकाल के साथ शुरू हुआ, जिसमें सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की गैरमौजूदगी में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने महत्वपूर्ण बयान दिया।डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में करुणामूलक नौकरी से संबंधित सभी लंबित मामलों को एकमुश्त निपटाया जाएगा।
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी गठित की है। यह कमेटी मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने के मामले पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट के आने के बाद, सभी लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा। इस कमेटी में मंत्री राजेश धर्माणी और मंत्री यादवेंद्र गोमा भी सदस्य हैं।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने करुणामूलक नौकरी पर सवाल उठाते हुए मांग की कि 5 प्रतिशत भर्ती कोटे की शर्त को हटा दिया जाए और एक बार सभी को नौकरी दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को शीघ्र निपटाना चाहिए, ताकि मृतक कर्मचारियों के परिवार को समय पर सहायता मिल सके।
राज्य में करुणामूलक नौकरी के 1839 मामले लंबित हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले भी इस मामले में एकमुश्त नौकरी देने का आश्वासन दिया था। उन्होंने सभी विभागों से करुणामूलक कोटे से संबंधित खाली पदों का ब्योरा मांगा था, ताकि इन पदों को शीघ्र भरा जा सके।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने करुणामूलक नौकरी में आय सीमा को सबसे बड़ी बाधा बताया। उनका कहना था कि अगर आय सीमा में कुछ छूट दी जाए, तो लंबित मामलों का निपटारा किया जा सकता है और अधिक लोगों को रोजगार मिल सकता है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने भी आय सीमा में छूट की बात की और पेंशन को इस मामले से अलग रखने की मांग की।