#हादसा
January 2, 2026
हिमाचल के 24 वर्षीय युवक की विदेश में थमी सांसें, छुट्टी काट कर कुछ दिन पहले लौटा था
थाईलैंड से बेटे की खबर सुनते ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
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मंडी। अक्सर पहाड़ों से निकलने वाले युवा बेहतर भविष्य और परिवार की खुशियों के लिए विदेशों का रुख करते हैं। कोई सपनों के सहारे जाता है, तो कोई मजबूरी में। लेकिन जब वही परिवार, जिसके लिए बेटा सात समंदर पार गया हो, उसे अचानक उसकी मौत की खबर मिले, तो मानो पूरे घर पर पहाड़ टूट पड़ता है। सुंदरनगर के भोजपुर बाजार निवासी 24 वर्षीय अनमोल शर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।
सुंदरनगर के भोजपुर बाजार निवासी अनमोल शर्मा थाईलैंड में एक होटल में शेफ के रूप में कार्यरत था। परिवार की आर्थिक मजबूती और अपने भविष्य को संवारने के इरादे से वह विदेश गया था। हाल ही में दादा के निधन के कारण वह कुछ समय के लिए घर आया था और शोक कार्यक्रमों के बाद कुछ दिन पहले ही दोबारा थाईलैंड लौट गया था। परिजनों के अनुसार थाईलैंड पहुंचने के कुछ ही समय बाद अनमोल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के प्रयास किए गए, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गया और विदेश की धरती पर ही उसकी सांसें थम गईं।
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जब थाईलैंड से अनमोल के निधन की सूचना सुंदरनगर पहुंची, तो घर में कोहराम मच गया। माता.पिता पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि संभलना मुश्किल हो गया। जिस बेटे को उन्होंने बड़े अरमानों के साथ विदेश भेजा था, वही 24 साल की उम्र में उन्हें हमेशा के लिए अकेला छोड़ गया। अनमोल के पिता विवेक शर्मा भोजपुर बाजार में रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करते हैं। बेटे से उन्हें भविष्य की बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन किस्मत ने सब कुछ एक पल में छीन लिया।
काफी औपचारिकताओं के बाद अनमोल शर्मा का पार्थिव शरीर थाईलैंड से भारत लाया गया। सुंदरनगर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। चांदपुर स्थित मोक्षधाम में पूरे धार्मिक रीति.रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मां.बाप की हालत देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
अनमोल शर्मा के असामयिक निधन से भोजपुर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। श्रद्धांजलि स्वरूप कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हर कोई यही कहता नजर आयाकृइतनी कम उम्र में यूं चला जानाए पूरे समाज के लिए गहरा सदमा है।
अनमोल उन हजारों युवाओं में से एक था, जो बेहतर जिंदगी और परिवार के लिए विदेशों में मेहनत करते हैं। लेकिन उसकी कहानी यह भी याद दिलाती है कि जब कमाने गए बेटे की मौत की खबर घर पहुंचे, तो पैसों का हर सपना वहीं टूट जाता है।