#राजनीति

March 10, 2025

हिमाचल की माली हालत पर हमलावर भाजपा को केंद्र की वादाखिलाफी याद दिलाएगी सुक्खू सरकार 

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बनी विधानसभा में पलटवार की रणनीति 

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Himachal Vidhansabha Budget Session

शिमला। सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हो रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा के हमलों के जवाब में कांग्रेस ने पलटवार की रणनीति तैयार कर ली है।  शिमला के पीटरहॉफ में हुई पार्टी विधायक दल की मीटिंग में यह तय किया गया कि जब भी भाजपा के सदस्य राज्य की माली हालत पर सवाल उठाएंगे, सत्ता पक्ष उन्हें केंद्र सरकार की वादाखिलाफी याद दिलाएगी। कांग्रेस विधायक दल में प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी विशेष तौर पर मौजूद रही।

 

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सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में कांग्रेस विधायक दल ने केंद्र सरकार की अनदेखी को लेकर विपक्ष को घेरने का निर्णय लिया है। सरकार का  आरोप है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल के लोन लेने की सीमा को 5 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत किया है। इसके बाद 3000 करोड़ से ज्यादा का जीएसटी कॉम्पेनसेशन भी बंद कर दिया। केंद्रीय योजनाओं पर भी कैपिंग लगाई गई। पिछली जयराम सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट 13 हजार करोड़ रुपए मिल रही थी, जो कि अगले साल एक चौथाई घटकर केवल 3257 करोड़ रुपए रह जाएगी।

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आपदा में मदद नहीं मिली

कांग्रेस ने विपक्ष को लगातार 2023 की भीषण आपदा में हिमाचल को केंद्र से मदद नहीं मिलने पर घेरा है। नुकसान का जायजा लेने हिमाचल आई टीम ने खुद माना है कि बरसात में भारी बारिश व बादल फटने से 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। ऐसे में भाजपा पर पलटवार के लिए कांग्रेस अपने इन पुराने तीरों का उपयोग कर सकती है।

 

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विपक्ष के तरकश में नए तीर

भाजपा ने रविवार शाम को विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। बीजेपी बजट सत्र में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, केंद्रीय योजनाओं का पैसा सैलरी-पेंशन पर खर्च करने, मंदिरों का पैसा सरकारी योजनाओं पर खर्च करने, संस्थान बंद करने जैसे मुद्दे बजट सत्र में उठाएगा। विपक्ष के पास राज्य की वित्तीय हालत, चिट्‌टे के बढ़ते कारोबार और कांग्रेस की गारंटियों के रूप में सरकार को घेरने के लिए नए तीर होंगे।

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