#राजनीति
January 20, 2026
सीएम सुक्खू ने दी थी विक्रमादित्य को अपना विभाग देखने की नसीहत, अब PWD मंत्री ने दिया जवाब
विक्रमादित्य को यह बोले थे सीएम सुक्खू
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंत्री–अफसरशाही विवाद अब खुलकर राजनीतिक बयानबाजी का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह को “अपने विभाग पर फोकस करने” की नसीहत देने के बाद अब इस पूरे मामले पर विक्रमादित्य सिंह ने भी खुलकर जवाब दिया है।
दिल्ली दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पीडब्ल्यूडी मंत्री को अपने विभाग की कार्यप्रणाली तेज करनी चाहिए और मंत्रियों को सार्वजनिक मंचों से इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सीएम ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर हिमाचल बनाना है और इसके लिए सभी को सामूहिक रूप से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में मीडिया से बातचीत में संतुलित और संयमित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया हैं और वह उनका पूरा सम्मान करते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने विभाग में पूरी जिम्मेदारी और मजबूती के साथ काम कर रहे हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह सही है कि सभी कार्य एक साथ पूरे नहीं हो पाते, लेकिन सकारात्मक सोच के साथ लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के लिए बजट जुटाने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कितने प्रयास किए जा रहे हैं। कई मामलों में सफलता मिली है और जहां नहीं मिली, वहां कोशिशें जारी हैं।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कों का निर्माण, नए शहरी क्षेत्रों का विकास और केंद्र सरकार से सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं लाना मेरा दायित्व है। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी बताया। साथ ही यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का जो भी निर्देश होगा, उसे धरातल पर उतारने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
विक्रमादित्य सिंह ने अपने राजनीतिक संस्कारों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के सिद्धांत और प्रदेश हित उनके लिए सर्वोपरि हैं। उन्होंने अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि जिस विचारधारा पर उनके पिता चले, उसी सोच के साथ वह भी हिमाचल के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।