#राजनीति

March 19, 2026

CM सुक्खू 6 महीनों में बदलेंगे स्वास्थ्य विभाग की तस्वीर, सैंकड़ों पदों पर करेंगे भर्ती

500 डॉक्टरों प्रोफेसरों के साथ स्टाफ नर्सों की भी होगी भर्ती

शेयर करें:

Himachal Health Sector

शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में 400 एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।

अस्पतालों में दूर होगी स्टाफ की कमी

दरअसल, विधानसभा में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों के भीतर प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्टाफ की कमी नहीं रहने दी जाएगी। सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ मेडिकल क्षेत्र में नए अवसर भी विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में नहीं मिल रहा सिलेंडर : विधानसभा में विधायकों के लिए लकड़ियों पर बन रहा खाना

सीएम ने बताया कि राज्य सरकार अगले एक वर्ष में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाएगी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में भी स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार संसाधनों का पुनर्गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 100 पद भी भरे जाएंगे, जिन्हें राज्य चयन आयोग के माध्यम से नियुक्त किया जाएगा।

वॉक-इन इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त

सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वॉक-इन इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब अधिकतर पद लिखित परीक्षा के माध्यम से भरे जाएंगे, जिससे सिफारिश या पक्षपात की संभावना कम हो सके। साथ ही स्टाफ नर्स और रेडियोलॉजिस्ट के खाली पदों को भी जल्द भरने की प्रक्रिया जारी है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में पीलिया का कहर : एक ही क्षेत्र के 210 लोग चपेट में आए- 19 वर्षीय नवविवाहिता की मौ*त

मुख्यमंत्री ने पशु मित्रों की भर्ती को लेकर भी स्पष्ट किया कि यह नियुक्तियां पशुपालन विभाग के अंतर्गत की जाएंगी और इन्हें किसी ठेकेदार के अधीन नहीं रखा जाएगा। इन कर्मचारियों को 5000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा।

विधानसभा में गूँजेगा आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा

वहीं विधानसभा सत्र के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में लगभग 25 हजार कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत हैं, जिनमें से कई कर्मचारी वर्षों से कम वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। इस विषय पर सदन में चर्चा होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल के कांग्रेस नेता को भेजा तिहाड़ जेल, PM मोदी से जुड़ा है मामला

सरकार पर वन माफिया को बढ़ावा देने के आरोप

इसके अलावा पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय और कार्य समय से जुड़ा मुद्दा भी उठाया जाएगा। दूसरी ओर विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार पर वन माफिया को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में अनुमति से कहीं अधिक पेड़ों की कटाई की गई है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख