#राजनीति
November 14, 2025
बिहार में फिर नीतीश कुमार का परचम, महागठबंधन करारी हार की ओर- जानें रुझान
नए चेहरों पर जनता ने भरोसा कम दिखाया
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बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। सुबह शुरू हुई मतगणना में NDA धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए क्लीन स्विप की ओर बढ़ रहा है। 243 सीटों के रुझानों में NDA 192 सीटों पर आगे है, जबकि महागठबंधन सिर्फ 48 सीटों पर सिमटता दिख रहा है।
सबसे बड़ा राजनीतिक फ़ायदा इस बार जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खाते में जाता दिख रहा है। पिछली बार 43 सीटें जीतने वाली JDU इस बार 84 सीटों पर आगे चल रही है, यानी नीतीश कुमार की पार्टी फिर से बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभर रही है। इस प्रचंड बढ़त के साथ NDA गठबंधन की सरकार बनने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
लालू परिवार के लिए बड़ा झटका
बड़े नेताओं की बात करें तो राघोपुर से RJD नेता तेजस्वी यादव NDA उम्मीदवार सतीश यादव से पीछे चल रहे हैं। इसी तरह उनके भाई तेजप्रताप यादव भी महुआ सीट से पिछड़ रहे हैं, जिससे महागठबंधन के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।
NDA नेताओं की मजबूत पकड़
सम्राट चौधरी तारापुर से बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। JDU के विजय चौधरी सरायरंजन से आगे चल रहे हैं। वहीं RJD के दानापुर प्रत्याशी और बाहुबली नेता रीतलाल यादव बढ़त बनाए हुए हैं।
फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए चेहरे पिछड़े
छपरा सीट पर बहुचर्चित भोजपुरी कलाकार और RJD प्रत्याशी खेसारी लाल यादव पीछे चल रहे हैं। रघुनाथपुर से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब भी पीछे हैं।
नए चेहरों पर जनता ने भरोसा कम दिखाया
प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज का खाता खुलने की उम्मीद भी कम है। नतीजों में पार्टी किसी भी सीट पर निर्णायक बढ़त नहीं बना पाई है। निर्दलीय और अन्य 3 सीटों पर आगे चल रहे हैं।
रिकॉर्ड वोटिंग, रिकॉर्ड मुकाबला
इस बार बिहार में दो चरणों में 67.10% वोटिंग हुई, जो 2020 चुनावों से लगभग 10% अधिक है। यह बिहार के चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा वोटिंग है।
बढ़त के ये शुरुआती रुझान साफ कर रहे हैं कि बिहार की सत्ता का नैरेटिव इस बार पूरी तरह बदल चुका है। आगे की काउंटिंग यह तय करेगी कि NDA कितनी मजबूत सरकार के साथ लौटेगा और महागठबंधन के लिए यह हार कितनी बड़ी चुनौती बनेगी।