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June 7, 2025

इस बार भी नहीं बढ़ी छात्रों की संख्या, सुक्खू सरकार 103 स्कूल कर रही बंद, 443 करेगी मर्ज

छात्रों की शून्य और कम संख्या वाले स्कूलों को बंद और मर्ज करेगी सरकार

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Govt School Closed

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में लगातार घटती छात्र संख्या ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को चिंतित कर दिया है। सरकार ऐसे कई स्कूलों को पहले ही बंद या मर्ज कर चुकी है, जिनमें या तो छात्र थे ही नहीं, या छात्रों की संख्या बहुत कम थी। इसी कड़ी में सुक्खू सरकार ने अब एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश भर में 103 सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं कम संख्या वाले 443 स्कूलों को मर्ज करने और 75 स्कूलों का दर्जा घटाने का निर्णय भी लिया है।

स्कूलों में दाखिलों के आधार पर लिया फैसला

राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। यह फैसला 21 अप्रैल 2025 तक स्कूलों में दाखिलों के आधार पर लिया गया है। जिसकी फाइन बनाकर सीएम सुक्खू के पास भेजी गई है। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 103 स्कूलों में कोई भी छात्र पंजीकृत नहीं है। इसके अलावा 443 ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां छात्रों की संख्या 10 से कम है।

 

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प्राइमरी, मिडल और हाई स्कूल होंगे बंद

सुक्खू सरकार जिन स्कूलों को बंद करने जा रही है, उसमें 72 प्राइमरी स्कूल, 28 मिडल व तीन हाई स्कूल हैं। इसी तरह से 10 से कम छात्रों वाले 443 स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। जिन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में छठी से 12वीं तक 25 से कम छात्र हैं, और पांच किलोमीटर के दायरे में दूसरा स्कूल है, उन्हें मर्ज करने का निर्णय लिया गया है।

 

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दूसरे स्कूलों में भेजे जाएंगे सरप्लस शिक्षक

इसी तरह से 11वीं व 12वीं में जहां 10 से कम बच्चे होंगे और पांच किलोमीटर की दूरी पर दूसरा स्कूल होगा, उन्हें भी मर्ज किया जाएगा। तीसरे ऐसे स्कूल जिसमें पांच से कम बच्चे हैं उनका दर्जा घटाया जाएगा। इन स्कूलों में जो विद्यार्थी पंजीकृत हैं उनका दाखिला साथ लगते स्कूलों में करवाने का निर्णय लिया गया है। स्कूलों के बंद और मर्ज करने से 1120 शिक्षक सरप्लस होंगे, जिन्हें अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा।

बच्चों की संख्या में भारी गिरावट

बता दें कि सुक्खू सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अपने अढ़ाई साल के कार्यकाल में 1200 स्कूल बंद और मर्ज कर दिए हैं।  आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2003-04 में राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक कुल 9.71 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे, जो घटकर मौजूदा शैक्षणिक सत्र तक मात्र 4.29 लाख रह गए हैं। यानी बीते दो दशकों में 5.42 लाख विद्यार्थियों की गिरावट दर्ज की गई है। 

 

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डमी एडमिशन पर भी नजर

शिक्षा विभाग को संदेह है कि कुछ स्कूलों में दाखिले केवल कागजों पर हैं ( जिसे डमी एडमिशन) कहा जाता है। समीक्षा बैठक में पाया गया कि कुछ स्कूलों में वर्षों से बच्चों की संख्या स्थिर बनी हुई है, जिससे संदेह पैदा हो रहा है। ऐसे मामलों की जांच कर इन्हें बंद या मर्ज करने का फैसला किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने जताई चिंता

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में छात्र.शिक्षक अनुपात 1 : 11 है, जो देश में सबसे बेहतर है, लेकिन संसाधनों का सही उपयोग तभी संभव होगा जब छात्रों की संख्या भी संतुलित हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक हों।

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