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November 15, 2025

सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: CBSE में तैनाती को शिक्षकों - प्रधानाचार्योंं को देनी होगी परीक्षा

परीक्षा में उच्चतम अंक लाने वाले शिक्षकों को ही मिलेगी तैनाती

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CBSC school teacher

शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 100 स्कूलों को एचपी बोर्ड से सीबीएसई में बदला जा रहा है। इन स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की तैनाती को लेकर भी सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के लिए परीक्षा से गुजरना होगा। 

 

सुक्खू सरकार के फैसले के अनुसार प्रदेश के सभी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की तैनाती के लिए अब उन्हें परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार परीक्षा में उच्चतम अंक लाने वाले शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का चयन अगले शैक्षणिक सत्र से इन स्कूलों में किया जाएगा।

 

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परीक्षा की रूपरेखा और समयसीमा

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह परीक्षा राज्य चयन आयोग या स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से करवाई जा सकती है। हालांकि अभी तक इसमें अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन संभावना है कि परीक्षा अगले महीने के अंत तक आयोजित कर दी जाएगी। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से परीक्षा में भाग लेने के लिए उनकी सहमति ली जाएगी, साथ ही विभाग आयु सीमा और अन्य आवश्यक मानदंड भी तय करेगा।

CBSE फॉर्मेट का विस्तार

वर्तमान में राज्य के 52 स्कूलों को CBSE से एफिलिएशन मिल चुकी है, जबकि बाकी 48 स्कूलों को एफिलिएशन मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले शैक्षणिक वर्ष से राज्य के सभी 100 सरकारी स्कूलों में CBSE बोर्ड लागू किया जाएगा। फरवरी से शुरू होने वाले विंटर वैकेशन के बाद नए सत्र में सभी स्कूल CBSE मानक के अनुरूप शिक्षा प्रारंभ करेंगे।

 

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विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

परीक्षा में चयनित शिक्षकों को CBSE के मानकों के अनुसार विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के तहत शिक्षकों को देश के प्रमुख संस्थानों में भेजकर उनके कौशल और शिक्षण विधियों का विकास किया जाएगा। विभाग के अनुसार, इसमें कई प्रकार के डेवलपमेंट प्रोग्राम शामिल होंगे, जो शिक्षकों की क्षमता और बच्चों के लिए गुणवत्ता शिक्षा सुनिश्चित करेंगे।

 

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सरकार का संदेश

सुक्खू सरकार ने इस कदम को शिक्षा क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयास के रूप में बताया है। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों में CBSE बोर्ड लागू होगा, वहां पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है और सभी संसाधनों को समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। यह निर्णय न केवल हिमाचल में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि शिक्षकों के चयन में निष्पक्षता और दक्षता भी सुनिश्चित करेगा।

 

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