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February 19, 2026

पंचायत चुनाव के बीच हिमाचल सहित 22 राज्यों में होगा SIR, इस माह से शुरू होगी प्रक्रिया

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल माह से होगी अभियान की शुरुआत

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Himachal election SIR

शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मियों के बीच अब मतदाता सूची को लेकर बड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू होने जा रहा है। भारतीय चुनाव आयोग ने देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) की घोषणा कर दी है, जिसके तहत हिमाचल सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन और अपडेट किया जाएगा। आयोग के सचिव पवन दीवान ने सभी संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

अप्रैल से हिमाचल में अभियान की शुरुआत

आयोग की योजना के अनुसार, हिमाचल] दिल्ली, कर्नाटक समेत शेष राज्यों में SIR की प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश में यह कवायद ऐसे समय पर हो रही है जब पंचायत चुनावों का माहौल गर्म है। ऐसे में मतदाता सूची का शुद्धिकरण और अद्यतन राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

 

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क्या है SIR और क्यों जरूरी?

SIR एक व्यापक प्रक्रिया है, जिसके तहत बूथ स्तर पर घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाता है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और नाम, पते या अन्य विवरणों में त्रुटियों को सुधारा जाता है। आयोग का उद्देश्य साफ है—कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र नाम सूची में शामिल न हो।

 

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पहले चरण का अनुभव, अब हिमाचल की बारी

SIR की शुरुआत सबसे पहले बिहार में की गई थी। इसके बाद 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया जारी है। अब जिन राज्यों में यह अभियान शेष था, उनमें हिमाचल प्रदेश भी शामिल है। ऐसे में प्रदेश प्रशासन और निर्वाचन विभाग की तैयारियां तेज हो गई हैं।

अब इन राज्यों में कराई जाएगी SIR

एसआईआर प्रक्रिया के लिए, जो राज्य छूट गए थे। इसमें हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल है। इस राज्यों में यह प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू हो सकती है।

कौन करेगा सत्यापन?

हिमाचल में ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। मतदाताओं को एक फॉर्म दिया जाएगा, जिसमें उन्हें अपनी जानकारी की पुष्टि करनी होगी। यदि किसी व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर दर्ज है, तो उसे एक स्थान से हटवाना होगा। नया नाम जुड़वाने के लिए निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।

 

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ये दस्तावेज होंगे मान्य

SIR के दौरान मतदाता पहचान सत्यापन के लिए 12 प्रकार के दस्तावेज मान्य किए गए हैं। इनमें पेंशनर पहचान पत्र, सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, NRC में नाम, परिवार रजिस्टर में प्रविष्टि, जमीन या मकान आवंटन पत्र और आधार कार्ड शामिल हैं।

पंचायत चुनावों पर क्या असर?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनावों के बीच SIR की घोषणा से मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर नाम कटने या जुड़ने को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने में सहायक होगी।

 

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माइग्रेशन और डुप्लीकेट नामों पर फोकस

पिछले दो दशकों में बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन, नौकरी या शिक्षा के लिए स्थान परिवर्तन हुआ है। कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया है। वहीं, कुछ मृतक मतदाताओं के नाम भी सूची में बने रहते हैं। SIR के माध्यम से ऐसे सभी मामलों की पहचान कर सूची को अपडेट किया जाएगा।

प्रशासन की तैयारी

हिमाचल में निर्वाचन विभाग ने जिला स्तर पर अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंचायत चुनावों के मद्देनजर ग्रामीण इलाकों में विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि लोग समय रहते अपने दस्तावेज तैयार रखें और सत्यापन में सहयोग करें।

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