#विविध
May 26, 2025
हिमाचल के इस कुली ने हिला दिया था अंग्रेजों का तख्त, सियासी गलियारों में हुआ था खूब हंगामा- जानें
नगर आयुक्त की दखल और शुरू हुआ संघर्ष
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शिमला। आजादी से पहले ब्रिटिश शिमला की चकाचौंध के पीछे जो सबसे अनदेखा, सबसे पीड़ित चेहरा था- वो थे पहाड़ों पर कुलीगिरी करने वाले गरीब, दबे-कुचले मजदूर। उन्हीं में से एक था जगेशर, जिसकी मौत ने उस दौर में ब्रिटिश सत्ता की नींव तक हिला दी थी। इस घटना को आज भी कुली मर्डर केस के नाम से जाना जाता है, जिसकी गूंज ब्रिटिश संसद तक सुनाई दी थी।
यह मामला ब्रिटिश अफसर मैन्सेल प्लेडेल के बंगले ‘येट्स प्लेस’ से जुड़ा है, जहां एक पार्टी के दौरान रातभर कुली बाहर चादर में लिपटे इंतजार कर रहे थे। जब साहब लोगों की वापसी का समय हुआ, तो जगेशर उठने लगा- पर उसकी चादर पैरों में उलझ गई और वो गिर पड़ा। इस मामूली बात पर प्लेडेल ने जगेशर को इतनी बेरहमी से पीटा कि वह वहीं गिर पड़ा।
डरे हुए बाकी कुली चुपचाप अपने साहबों को छोड़ आए, लेकिन बखिया नाम का कुली कुछ अन्य साथियों के साथ घायल जगेशर को लेने लौटा। वे उसे लेकर छोटा शिमला पुलिस स्टेशन पहुंचे, लेकिन वहां अफसर ने रिपोर्ट लेने से साफ इनकार कर दिया क्योंकि आरोपी अंग्रेज था।
तब कुली पहुंच गए नगर आयुक्त राय बहादुर मोहन लाल के पास। उन्होंने दबाव बनाया, और तभी जाकर FIR दर्ज हुई। मामला अदालत पहुंचा। मोहन लाल ने 9 घंटे तक गवाही दी। अदालत ने अंग्रेज अधिकारी को दोषी ठहराया और 18 महीने की सजा और 4000 रुपये का जुर्माना।
इतिहास में यह विरला मामला है, जब किसी गरीब भारतीय कुली की हत्या पर एक अंग्रेज अफसर को सजा हुई। जेल में शर्म और दबाव से मैन्सेल प्लेडेल ने आत्महत्या कर ली।