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August 2, 2025

हिमाचल: पहाड़ से गिरी चट्टान, आंखों के सामने.. चंद सेकेंड में उजड़े सपनों के आशियाने; देखें वीडियो

चंद सेकेंड में आंखों के सामने चकनाचूर हो गए दो घर

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Mandi Landslide

मंडी। हिमाचल प्रदेश में मौसम का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश से प्रदेश के मंडी जिला में सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। मंडी जिला में कई घर मलबे में दफन हो गए हैं तो कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कुछ ऐसा ही कुदरत का कहर बीते रोज शुक्रवार को भी मंडी के थलौट में देखने को मिला। जहां कुछ ही पलों में दो लोगों के आशियाने मलबे में दफन हो गए। 

पहाड़ी से गिरी चट्टान ने बरपाया कहर

दरअसल मंडी जिला के औट के थलौट में शुक्रवार दोपहर के समय अचानक गूंजे एक दिल दहला देने वाले शोर ने पल भर में दो परिवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। इन दोनों परिवारों के घर मलबे में तब्दील हो गए। मंडी जिले के औट क्षेत्र के थलौट गांव के फागू में भारी बारिश के बाद एक विशाल चट्टान अचानक पहाड़ से टूटकर नीचे आ गिरी और दो परिवारों का आशियाना समेट ले गई।

 

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दो घरों को किया धवस्त

चट्टान इतनी बड़ी और भारी थी कि जैसे ही वह ढलान से नीचे लुढ़की, उसके रास्ते में जो भी आया सब कुछ रौंदती चली गई। कुछ सेकेंड में दो मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। यह हादसा इतना भयावह था कि उसकी रिकॉर्डिंग देखने मात्र से रोंगटे खड़े हो जाते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा बनाया गया वीडियो इस त्रासदी की चीखती गवाही देता है।

भाग्य ने दी राहत, वरना होती अनहोनी

गनीमत इस बात की रही कि हादसे से कुछ ही देर पहले दोनों घरों के सदस्य किसी काम से बाहर निकले थे। यदि वे उस समय घर के अंदर होते, तो यह हादसा न जाने कितनी जानें लील लेता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चट्टान का वेग इतना अधिक था कि अगर वह कुछ मीटर और नीचे लुढ़कती, तो चंडीगढ़.मनाली नेशनल हाईवे को भी भारी नुकसान हो सकता था, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।

 

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त्रासदी के बाद डर और सन्नाटा

घटना के तुरंत बाद गांव में हाहाकार मच गया। लोगों ने जैसे.तैसे खुद को संभाला और प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन की टीमें कुछ ही समय में मौके पर पहुंचीं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। उन्हें अस्थायी शिविरों में ठहराया गया है जहां रहने और खाने की पूरी व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जाएगी।

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अब भी बना है खतरा

क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और ढीली पहाड़ी संरचना के चलते अब भी चट्टानों के खिसकने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और किसी भी असामान्य हलचल की सूचना तुरंत देने की अपील की है। वहीं स्थानीय बुजुर्गों की मानें तो यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हादसा हुआ है। हर साल बरसात में पहाड़ डराने लगता है। एक वृद्ध महिला की आंखों में डर और आंसू साफ दिखाई देते हैं। हमारी नींद अब बारिश की बूँदों के साथ नहीं, डर के साए में टूटती है।

एक उम्मीद की तलाश

मंडी की इस घटना ने जहां दो परिवारों का सब कुछ छीन लिया, वहीं यह पूरे राज्य के लिए चेतावनी है। अब वक्त आ गया है जब हमें विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन साधना होगा। क्योंकि जब प्रकृति रूठती है, तो इंसान की बनाई हर चीज क्षणभर में राख हो जाती है।

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