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August 29, 2025

मणिमहेश यात्रा : चार दिन से मोबाइल नेटवर्क ठप, 8000 श्रद्धालु फंसे- रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

यात्रा मार्ग पर नाले में आई से फंसे गई भक्त, एनडीआरएफ रेस्क्यू में जुटी

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manimahesh yatra

चंबा। हिमाचल प्रदेश की पवित्र मणिमहेश यात्रा इस वर्ष कुदरत के कहर का शिकार बन गई है। भरमौर क्षेत्र में बादल फटने और उसके चलते आए जलप्रलय ने यात्रा मार्ग पर भारी तबाही मचाई है। नालों में आई बाढ़ के कारण कई स्थानों पर सड़कें और पुल बह गए हैं, जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।

मणिमहेश में फंसे हजारों श्रद्धालु

हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंसे हुए थे, जिन्हें प्रशासन युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्यों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहा है। मगर मोबाइल नेटवर्क ठप होने के कारण कुछ ज्यादा अपडेट नहीं मिल पा रहा है।

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3,457 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू 

24 से 27 अगस्त के बीच हड़सर से ऊपर भूस्खलन की चपेट में आने से 7 श्रद्धालुओं की मौत, 8 घायल और 9 लापता हो गए हैं। करीब 8,000 श्रद्धालु अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन अब तक 3,457 लोगों को सुरक्षित निकाल चुका है, लेकिन भरमौर से आगे का संपर्क पूरी तरह कट जाने से रेस्क्यू ऑपरेशन मुश्किल हो गया है।

घरों तक भेजने का इंतजाम

चंबा के SDM अमित मेहरा ने बताया कि वीरवार को डल झील से 19, गौरीकुंड से 34, धन्छौ से 10 और हड़सर से 125 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। चंबा से लेकर भरमौर तक लगातार रेस्क्यू जारी है। प्रशासन पंजाब और जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके घरों तक भेजने के इंतजाम कर रहा है।

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कुल्लू-मनाली हाईवे ठप

मंडी और कुल्लू के बीच चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बार-बार भूस्खलन से बंद हो रहा है। पंडोह के समीप कैंची मोड़ पर फोरलेन का हिस्सा ध्वस्त हो गया है, जबकि बनाला के पास पहाड़ का मलबा ब्यास नदी तक जा पहुंचा।

1500 टूरिस्ट फंसे

वैकल्पिक मार्ग वाया कटौला केवल छोटे वाहनों के लिए खोला गया है। इस समय करीब 1,790 वाहन अलग-अलग जगहों पर फंसे हैं और 1,500 टूरिस्ट मनाली, सिस्सू, बंजार और मणिकर्ण में फंसे हुए हैं।

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जनजीवन अस्त-व्यस्त

प्रदेश में 524 सड़कें अवरुद्ध, 1,230 ट्रांसफार्मर और 416 पेयजल योजनाएं ठप हैं। बिजली और पानी संकट ने ग्रामीण और शहरी इलाकों में दिक्कतें बढ़ा दी हैं। चंडीगढ़-मनाली एनएच बंद होने से एक महिला समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाई और रास्ते में उसकी मौत हो गई। कुल्लू-मनाली में शुक्रवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी हुए हैं। इसी तरह कुल्लू उपमंडल के 9 स्कूल भी बंद रहेंगे।

पौंग बांध खतरे पर

कांगड़ा के पौंग बांध का जलस्तर 1393.05 फीट तक पहुंच गया है। इस समय 52,086 क्यूसिक पानी बांध में आ रहा है और 99,845 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

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शनिवार को चेतावनी और बढ़ाकर आठ जिलों तक कर दी गई है। 31 अगस्त को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में अलर्ट रहेगा। पूर्वानुमान के अनुसार 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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