#विविध
August 29, 2025
हिमाचल में लैंडस्लाइड से बिगड़े हालात, सेना ने संभाला जिम्मा- कई मरीजों को किया एयरलिफ्ट
घाटी में बिजली व संचार सेवाओं को भी ठप कर दिया है
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लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश का जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति इन दिनों लगातार भूस्खलन की चपेट में है। भारी बारिश और मलबा गिरने से मनाली-केलांग मार्ग कई जगहों पर बंद हो चुका है। सड़कें अवरुद्ध होने के कारण जिला का कुल्लू से संपर्क पूरी तरह टूट गया है और वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है।
इस आपदा के बीच लोगों की मदद करने के लिए सेना के जवान पहुंच गए हैं। जवानों द्वारा सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से गंभीर हालत में फंसे चार मरीजों को सुरक्षित निकालकर कुल्लू पहुंचाया गया।
लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि चारों मरीजों की स्थिति नाजुक थी और समय पर इलाज न मिलने पर बड़ा खतरा हो सकता था। मरीजों की पहचान-
स्थिति को देखते हुए विधायक ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से संपर्क किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेना ने दो हेलिकॉप्टर मुहैया कराए। मरीजों को लाहौल से निकालकर भुंतर एयरपोर्ट लाया गया, जहां से एंबुलेंस के जरिए उन्हें कुल्लू के ढालपुर क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में डॉक्टरों की टीम इनका इलाज कर रही है।
बिजली और दूरसंचार पर संकटभारी भूस्खलन और बाढ़ ने लाहौल घाटी में बिजली व संचार सेवाओं को भी ठप कर दिया है। विधायक अनुराधा राणा के अनुसार, थिरोट पावर हाउस को बाढ़ से काफी नुकसान पहुंचा था। मगर विभगा ने इसे फिर से चालू कर दिया है। ऐसे में घाटी के कुछ क्षेत्रों में बिजली सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है।
जबकि शेष इलाकों में रोटेशन आधार पर आपूर्ति दी जा रही है। दूरसंचार नेटवर्क बहाली के लिए कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द संपर्क सुविधा मिल सके।
प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, मगर सेना और प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। सड़कों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। मरीजों के सफल रेस्क्यू से लोगों में प्रशासन पर विश्वास और उम्मीद जगी है। विधायक ने आश्वासन दिया है कि घाटी में बिजली, संचार और सड़क मार्ग जल्द ही पूरी तरह बहाल कर दिए जाएंगे।