#विविध
February 26, 2026
हिमाचल में IPS ने ली अपनी शादी पर छुट्टियां- सिस्टम में मचा बवाल, घेरे में DGP के आदेश
लिस मुख्यालय के दस्तावेज के वायरल होने से उठे गोपनीयता के सवाल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस महकमे में इन दिनों एक प्रशासनिक घटनाक्रम ने अनपेक्षित रूप से सार्वजनिक बहस का रूप ले लिया है। एक युवा आईपीएस अधिकारी की शादी समारोह पर ली गई छुट्टियां आधिकारिक आदेश तक पहुंच गया और उसके बाद आदेश की प्रति सोशल मीडिया पर लगातार तैरती रही। अब ये मामला केवल छुट्टी का नहीं, ब्लकि प्रक्रिया, पारदर्शिता और गोपनीयता से भी जुड़ चुका है।
2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह ने फरवरी माह में अपने विवाह के सिलसिले में अवकाश के लिए आवेदन किया था। जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को उनका विवाह उत्तर प्रदेश के मेरठ में तय था। पुलिस मुख्यालय से 8 फरवरी से 22 फरवरी तक अवकाश स्वीकृत किया गया था। विवाह कार्यक्रमों के कारण तीन दिन का अतिरिक्त विस्तार भी लिया गया। सूत्रों के मुताबिक अवकाश को विधिवत मंजूरी प्राप्त थी और प्रक्रिया के अनुरूप ही आवेदन स्वीकृत हुआ था।
जानकारी के अनुसार अधिकारी के पति उनके ही बैचमेट हैं और हरियाणा कैडर में आईएएस पद पर कार्यरत बताए जाते हैं। कहा जा रहा है कि अधिकारी शीघ्र ही पुनः अपना कार्यभार संभाल सकती हैं।
अधिकारी की अनुपस्थिति के दौरान कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 23 फरवरी को पुलिस मुख्यालय से एक आदेश जारी किया गया। इसमें धर्मशाला स्थित स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (नॉर्दर्न रेंज) में तैनात एसपी के दायित्व अस्थायी रूप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.डी. भाटिया को सौंपे जाने का उल्लेख था। ऐसे आदेश आम तौर पर प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए जारी किए जाते हैं, ताकि विभागीय कार्यों में रुकावट न आए।

घटनाक्रम ने तब नया मोड़ लिया, जब उक्त आदेश की प्रति सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। आदेश में अवकाश का उल्लेख होने के कारण कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि जब छुट्टी पूर्व स्वीकृत थी, तो इसे सार्वजनिक चर्चा का विषय क्यों बनने दिया गया।
कुछ लोगों ने यह भी टिप्पणी की कि व्यक्तिगत कारण, विशेषकर विवाह जैसे अवसर पर ली गई छुट्टी को इस तरह रेखांकित किए जाने की आवश्यकता क्या थी। हालांकि आदेश में अनुशासनात्मक कार्रवाई का कोई स्पष्ट संकेत नहीं था।
सबसे बड़ा प्रश्न इस बात को लेकर सामने आया कि पुलिस मुख्यालय का आंतरिक दस्तावेज़ सार्वजनिक मंच तक कैसे पहुंचा। प्रशासनिक आदेशों की गोपनीयता, उनकी भाषा और सोशल मीडिया पर प्रसार, इन सभी बिंदुओं पर विभागीय हलकों में चर्चा है और अब आगे देखना रहेगा कि इस पर क्या एक्शन लिया जाएगा।