#विविध
December 25, 2025
IGMC मामला : आरोपी डॉ. की बर्खास्तगी पर बवाल, फैसले के विरोध में उतरे रेजिडेंट डॉक्टर
CM सुक्खू से मुलाकात कर रखेंगे अपना पक्ष
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शिमला। राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज यानी IGMC में मरीज से मारपीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां सरकार ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी डॉक्टर राघव निरुला की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। वहीं, दूसरी ओर इस फैसले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने IGMC के मुख्य गेट पर गेट मीटिंग कर नाराजगी जाहिर की। साथ ही सरकार के फैसले को एकतरफा करार देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करने का निर्णय लिया।
हालांकि, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने बैठक के बाद फिलहाल अस्पताल में ओपीडी, जनरल वार्ड और आपातकालीन सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहिल शर्मा ने बताया कि गेट मीटिंग में यह तय किया गया है कि वरिष्ठ डॉक्टर एसोसिएशन के साथ चर्चा के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही रेजिडेंट डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात करेगा और अपना पक्ष रखेगा।
गौरतलब है कि हाल ही में IGMC के एक वार्ड में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया। शुरुआत में IGMC प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को निलंबित किया था, लेकिन मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।
इस बीच, आरोपी डॉक्टर राघव निरुला ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि वह वार्ड में मरीज की सिटी रिपोर्ट देखने गए थे और मरीज से सामान्य बातचीत के दौरान गलतफहमी पैदा हो गई।
डॉक्टर का आरोप है कि मरीज और उसके साथ मौजूद लोगों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, यहां तक कि माता-पिता को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। राघव का कहना है कि वह पिछले आठ वर्षों से ईमानदारी से सेवाएं दे रहे हैं और इससे पहले कभी इस तरह की स्थिति नहीं बनी।