#यूटिलिटी
August 27, 2025
दूध उत्पादकों पर मेहरबान हुई सुक्खू सरकार- काम के साथ कमीशन देने का किया ऐलान
दुग्ध चिलिंग प्लांट की तकनीकी खराबी के कारण हजारों लीटर दूध बर्बाद
शेयर करें:
शिमला। हिमाचल प्रदेश के दूध उत्पादकों के लिए सरकार ने जरूरी फैसला लिया है। इसके चलते स्थानीय दूध उत्पादकों को स्वरोजगार का एक और मौका मिलने जा रहा है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री सुक्खविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में दी।
हिमाचल विधानसभा के मॉनसून सत्र के सातवें दिन आनी विधायक लोकेंद्र कुमार ने नियम 62 के तहत एक मामला सदन में उठाया था। इसके जरिए कुमार ने सबका ध्यान उनके विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दुग्ध चिलिंग प्लांट की तकनीकी खराबी के कारण हजारों लीटर दूध बर्बाद होने से उत्पन्न स्थिति की ओर खींचा।
इस मामले के मूल उत्तर में कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने बताया कि मिल्क कूलर की अचानक तकनीकी खराबी की जानकारी मिली। मशीन को ठीक नहीं किया जा सका था। बाद में पता चला कि बल्क मिल्क कूलर में खराबी नहीं थी लेकिन बिजली बोर्ड की सिंगल लाइन की वजह से वोल्टेज नहीं थी। इससे कूलर काम नहीं कर पा रहा था। इस दौरान दूध की गुणवत्ता खराब हो गई।
कृषि मंत्री चंद्र कुमार बोले कि दूध को नाले में गिराने से पहले सहकारी समिति के सचिव ने अनुमति नहीं ली। इस पर उसे नोटिस दिया गया है। कुमार ने कहा कि सहकारी समितियों के पदाधिकारियों को कहा गया है कि सही तरीके से कूलर का रखरखाव करें ताकि आगे ऐसी घटना ना हो। सभी प्लांट प्रमुखों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वो काम सही से करें।
सत्र में इसी चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हस्तक्षेप कर कहा कि प्रदेश में स्थानीय दूध उत्पादकों को बल्क मिल्क कूलर चलाने का काम दिया जाएगा। दूध खराब ना हो, इसकी देखरेख वे खुद कर सकेंगे। इस काम के लिए स्थानीय दूध उत्पादकों को कमीशन भी मिलेगा।