#विविध
June 24, 2025
हिमकेयर पर संकट: हिमाचलियों के लिए PGI में मुफ्त इलाज हो सकता है बंद, सरकार ने नहीं चुकाया बकाया
मार्च 2024 से अब तक 1478 मरीजों का इलाज
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना के तहत पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज करवाने वाले मरीजों के लिए हालात गंभीर हो चले हैं। जानकारी के अनुसार मार्च 2024 से अप्रैल 2025 के बीच 1478 मरीजों का इलाज पीजीआई में हुआ है, लेकिन इनका कुल बिलकरीब 14 करोड़ 30 लाख रुपये है। जो अब तक हिमाचल सरकार ने अदा नहीं किया है।
PGI प्रशासन ने हिमाचल सरकार को कई बार रिमाइंडर भेजे, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। यहां तक कि हिमाचल सरकार के स्पेशल सेक्रेटरी हेल्थ और हिमकेयर योजना के सीओओ अश्वनी शर्मा से सीधे संपर्क किया गया, मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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इस मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी गंभीरता से लिया है। PGI की गवर्निंग बॉडी की बैठक में नड्डा ने साफ निर्देश दिए कि हिमाचल सरकार से बकाया राशि की वसूली प्राथमिकता पर की जाए। इसके बाद PGI प्रशासन ने फिर से प्रयास शुरू किए, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हो सका है।
सुक्खू सरकार और PGI के बीच 25 फरवरी 2024 को कैशलेस इलाज के लिए एमओयू साइन किया गया था, जिसके तहत बिल मिलने के एक महीने के भीतर भुगतान होना अनिवार्य था। लगातार हो रही देरी से अब एमओयू के रद्द होने की स्थिति बन गई है। अगर ऐसा होता है तो हिमकेयर योजना के तहत PGI में मिलने वाला निशुल्क इलाज पूरी तरह बंद हो जाएगा, और मरीजों को इलाज का पूरा खर्च खुद वहन करना पड़ेगा।
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इतना ही नहीं, 2023 में जिन मरीजों ने हिमकेयर योजना के तहत खुद खर्च कर इलाज करवाया था और बाद में रिफंड के लिए दस्तावेज जमा किए थे, उन्हें भी दो साल बीतने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं मिला। इन मरीजों को हर बार सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, लेकिन न तो पैसा आया और न कोई ठोस कार्रवाई हुई।
PGI प्रशासन ने हिमाचल सरकार को कई बार बिल भेजे हैं, लेकिन अब यह व्यवस्था खुद अस्पताल पर भारी पड़ रही है। एक ओर इलाज जारी रखना जरूरी है, दूसरी ओर सरकार से पैसे न आने के कारण वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है।