#विविध
April 3, 2026
हिमाचल-पंजाब बॉर्डर पर बवाल- टोल को लेकर ट्रक ड्राइवरों का हंगामा, 2 KM तक लगा जाम
ट्रक ड्राइवरों ने टोल कर्मचारियों पर लगाए आरोप
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बिलासपुर। हिमाचल-पंजाब बॉर्डर पर स्थित गरामोड़ बैरियर पर बीते बुधवार सुबह पंजाब के विभिन्न संगठनों ने एंट्री टैक्स के विरोध में यहां धरना-प्रदर्शन शुरु किया था। जिसके बाद सरकार द्वारा नई टोल दरों को लेकर 10 दिन का समय मांगे था। लेकिन इसके बावजूद जिला बिलासपुर में गुरुवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। गरामोडा टोल प्लाजा के पास ट्रक ड्राइवरों और टोल प्रबंधन के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर लंबा जाम लग गया और हालात काफी बिगड़ गए।
मामला नई टोल दरों को लेकर शुरू हुआ। ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में 10 दिन तक पुरानी दरों पर ही टोल वसूली करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद टोल प्लाजा पर नई दरों के हिसाब से पर्चियां काटी जा रही हैं। इसी बात को लेकर गुरुवार सुबह ड्राइवरों और कर्मचारियों के बीच बहस हो गई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टोल प्लाजा के आसपास ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 2 किलोमीटर तक जाम लग गया, जो लगभग 2 से 3 घंटे तक बना रहा। इस जाम का असर आम लोगों पर भी पड़ा। सड़क से गुजरने वाले स्थानीय लोग, यात्री और बाहर से आए पर्यटक भी घंटों तक फंसे रहे, जिससे उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्रक ड्राइवरों ने टोल कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि पर्ची काटने वाले कई कर्मचारियों के पास न तो कोई यूनिफॉर्म है और न ही पहचान पत्र, जिससे उनकी वैधता पर सवाल उठते हैं। ड्राइवरों ने यह भी कहा कि उनसे जबरन ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।
हंगामे की सूचना मिलते ही स्वारघाट पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने में जुट गई। पुलिस ने ड्राइवरों को समझाकर और ट्रैफिक को व्यवस्थित कर धीरे-धीरे जाम खुलवाया। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका, लेकिन इस दौरान काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
विरोध कर रहे ट्रक ड्राइवरों ने प्रशासन और टोल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
वहीं, टोल प्लाजा के अधिकारी सौरभ चौधरी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही टोल वसूला जा रहा है और किसी भी वाहन से अतिरिक्त पैसे नहीं लिए जा रहे। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक्साइज डिपार्टमेंट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ही फीस ली जा रही है और सभी आरोप बेबुनियाद हैं।