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February 17, 2026

मंडी शिवरात्रि में नई व्यवस्था से 4 देवता रुष्ट- शाही जलेब में नहीं हुए शामिल, बाड़बंदी तक तोड़ी

500 साल के इतिहास में पहली बार जल्दी निपटी जलेब

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mandi shivratri

मंडी। हिमाचल का सबसे बड़ा और आस्था से जुड़ा मेला माना जाता है मंडी शिवरात्रि, जिसमें सदियों से चली आ रही  परंपराएं, देव आस्था और लोक संस्कृति देखने को मिलती है। लेकिन इस बार शिवरात्रि महोत्सव में की गई नई प्रशासनिक व्यवस्था ने वही सवाल खड़े कर दिए हैं।  माधो राय की शाही जलेब के दौरान बदले गए रास्ते ने छतरी क्षेत्र के देवताओं को नाराज कर दिया और मेला परिसर में असहज स्थिति बन गई।

 

जलेब में बदली व्यवस्था बनी नाराजगी की वजह


शिवरात्रि महोत्सव के दौरान राज माधो राय की पारंपरिक शाही जलेब के लिए इस बार पड्डल मैदान में प्रवेश मार्ग बदला गया था। यही बदलाव छतरी क्षेत्र से जुड़े चार देवताओं को स्वीकार नहीं हुआ। नाराज देवताओं ने जलेब को बीच में ही छोड़ दिया और पड्डल मैदान के उस हिस्से में विराजमान हो गए, जहां वे वर्षों से परंपरागत रूप से ठहरते आए हैं।

 

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छतरी क्षेत्र के देवताओं ने छोड़ी जलेब


नाराज होने वाले देवताओं में जय मगरू महादेव, देव श्री बायला नारायण, देव नाग चापलांदू और देव श्री खुड्डी जहल शामिल हैं। जैसे ही देवताओं ने जलेब छोड़ी, उनके देवलू भी भड़क गए और पड्डल मैदान में की गई बाड़बंदी को तोड़ दिया। इससे मेला परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

 

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मान-मनौव्वल के बावजूद नहीं माने देव


सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष पंडित शिव पाल के अनुसार चौहारघाटी और छतरी क्षेत्र से जुड़े अन्य देवताओं को समझाने का प्रयास किया गया। देव बिट्टू नारायण, देव हुरंग नारायण पाशाकोट और तुंगासी के चुंजवाला को किसी तरह मान-मनौव्वल कर परंपरा टूटने से बचा लिया गया, लेकिन छतरी क्षेत्र के देवताओं ने मेला कमेटी के तर्कों को मानने से इनकार कर दिया।

 

मौके पर मौजूद रहे डिप्टी सीएम और मेला प्रशासन


जिस समय यह घटनाक्रम हुआ, उस वक्त डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और मेला कमेटी के अध्यक्ष अपूर्व देवगन भी पड्डल मैदान में मौजूद थे। देवताओं की नाराजगी ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए।

 

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500 साल के इतिहास में पहली बार इतनी जल्दी निपटी जलेब


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस बार जलेब असामान्य रूप से जल्दी समाप्त हो गई। कहा जा रहा है कि करीब पांच सौ साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब जलेब एक घंटे के भीतर ही निपट गई। पहले यही जलेब पड्डल पहुंचने में घंटों लगा देती थी और पूरा शहर जाम हो जाया करता था।

 

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नाराजगी दूर करने का प्रयास जारी


सर्व देवता कमेटी के प्रधान पंडित शिव पाल ने कहा कि नाराज देवताओं के कारदारों से बातचीत कर इस नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पड्डल में प्रवेश मार्ग में बदलाव की जानकारी पहले दी गई थी, इसके बावजूद देव क्यों नाराज हुए इसकी गहराई से पड़ताल की जाएगी।

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