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January 31, 2025

हिमाचल बिजली बोर्ड को खत्म करने की साजिश! 600 पदों पर गिरी गाज

बेरोजगारों को तगड़ा झटका, 600 पोस्ट को खत्म करने की तैयारी

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शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में कर्मचारियों और इंजीनियरों के पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि यह फैसला पिछले कल यानी वीरवार को शिमला स्थित बिजली बोर्ड के मुख्यालय कुमार हाउस में आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया।

600 पद समाप्त करने की तैयारी 

वित्तीय संकट से जूझ रहे बिजली बोर्ड को मजबूती देने के उद्देश्य से यह युक्तिकरण योजना बनाई गई है। इस प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि इससे बिजली बोर्ड के कुल 600 पद समाप्त हो जाएगें। जिसके बाद बेरोजगारों में रोष बढ़ता जा रहा है। 

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कर्मचारी यूनियन का विरोध शुरू

बिजली बोर्ड में कर्मचारियों के लिए यह एक चिंता का विषय बन गया है। कर्मचारी यूनियन के नेताओं और संयुक्त मोर्चे ने बोर्ड प्रबंधन के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। मोर्चा के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने इस कदम को गलत बताते हुए कहा कि यह कर्मचारियों की नौकरी पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि यदि सरकार से कोई राहत नहीं मिली तो आगामी दिनों में आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही, उन्होंने सीएम सुक्खू से मुलाकात करने का निर्णय लिया है ताकि वे अपनी परेशानियां और विरोध दर्ज करवा सकें।

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11 हजार से ज्यादा के पद खाली

बताते चलें कि बिजली बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान समय में बोर्ड में कुल 25,435 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 11,989 पद रिक्त हैं। इसके बावजूद बोर्ड में 13,446 कर्मचारी कार्यरत हैं। इस वित्तीय संकट के कारण, बोर्ड को युक्तिकरण की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके तहत 600 पदों की समाप्ति का फैसला लिया गया। पहले चरण में जनरेशन विंग के विभिन्न श्रेणियों के 600 पदों को समाप्त किया जाएगा। इस प्रकार, स्वीकृत पदों का लगभग 29 प्रतिशत हिस्सा खत्म किया जाएगा।

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कर्मचारियों में रोष

बोर्ड के इस कदम को लेकर कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारियों को आशंका है कि इससे उनकी नौकरी की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। साथ ही, उनका यह भी कहना है कि अन्य विभागों में अतिरिक्त स्टाफ का समायोजन कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त दबाव बना सकता है।

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