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March 30, 2025
हिमाचल में नवरात्र की धूम- मंदिरों में सुबह से उमड़ी भारी भीड़, VIP दर्शन के लिए जा रहे 500 रुपए
कई राज्यों से भी देवभूमि पहुंचते हैं श्रद्धालु
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शिमला। चैत्र नवरात्र के मौके पर देवभूमि हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में जबरदस्त धार्मिक उत्सव का माहौल है। मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजा दिया गया है। इन नौ दिनों तक प्रदेश के मंदिरों में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं। पुलिस, होमगार्ड के जवानों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की 80 अतिरिक्त बसों का संचालन
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने 80 से ज्यादा बसें चलाने का फैसला लिया है, ताकि हर भक्त आसानी से मंदिरों में पहुंच सके।
चिंतपूर्णी मंदिर में सुलभ दर्शन की बढ़ी हुई फीस
ऊना जिले के चिंतपूर्णी मंदिर में इस बार नवरात्र के दौरान सुलभ दर्शन की फीस 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है। भक्तों को इस फीस के साथ चंद मिनटों में मां के दर्शन करने का अवसर मिलेगा, जबकि जिन श्रद्धालुओं को लाइन में लगकर दर्शन करना है, उन्हें यह शुल्क नहीं देना होगा।
हिमाचल के प्रमुख शक्तिपीठों का महत्व
नयना देवी मंदिर
बिलासपुर स्थित नयना देवी मंदिर में मान्यता है कि यहां माता सती की आंखें गिरी थीं। यह शक्तिपीठ भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, खासकर आंखों के रोगों से छुटकारा पाने के लिए। नवरात्र के दौरान यहां उत्सव जैसा माहौल रहता है।
चिंतपूर्णी मंदिर
ऊना के चिंतपूर्णी मंदिर को मां छिन्नमस्तिका के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी चिंताएं समाप्त हो जाती हैं। यहां उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है।
ज्वालाजी मंदिर
कांगड़ा जिले में स्थित ज्वालाजी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख मंदिर है। यहां भगवती सती की जीभ के गिरने की मान्यता है और यह मंदिर खासकर अग्नि के प्रवाह के लिए प्रसिद्ध है।
चामुंडा मंदिर
कांगड़ा के पालमपुर में स्थित चामुंडा मंदिर में नवरात्र पर विशेष पूजा होती है। यह मंदिर बुराई का नाश करने वाली मां चामुंडा के रूप में प्रतिष्ठित है, जिन्होंने चंड और मुंड नामक असुरों का वध किया था।
कालीबाड़ी मंदिर, शिमला
शिमला स्थित कालीबाड़ी मंदिर में विशेष पूजा और व्यवस्था की गई है। यह मंदिर देशभर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, खासकर पश्चिम बंगाल से आने वाले धार्मिक पर्यटक यहां नवरात्रि में पूजा करने पहुंचते हैं।
मंदिरों में कपाट खुलने का समय
नवरात्र के दौरान, हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के कपाट खुलने का समय भी तय किया गया है:
नयना देवी मंदिर: 3 बजे सुबह
चिंतपूर्णी मंदिर: 5:30 बजे सुबह
ज्वालाजी मंदिर: 5 बजे सुबह
चामुंडा नंदिकेश्वर धाम: 4 बजे सुबह
बज्रेश्वरी माता मंदिर: 4:30 बजे सुबह
दान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था
नवरात्र के दौरान मंदिरों में दान देने की सुविधा के लिए ऑनलाइन स्कैनिंग व्यवस्था भी की गई है, जिससे श्रद्धालु आसानी से दान कर सकें।
उत्सव का माहौल
चैत्र नवरात्र के दौरान, हिमाचल के इन शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना, सजावट और सुरक्षा के साथ भक्तों के लिए एक अद्वितीय धार्मिक अनुभव प्रदान किया जा रहा है। श्रद्धालु केवल हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी यहां पहुंच रहे हैं, जिससे देवभूमि में पूरे एक सप्ताह तक उत्सव जैसा माहौल रहता है।