#विविध
December 23, 2025
हिमाचल में स्कूलों के आसपास नहीं बिकेगा जंक फूड : क्लास में भी चिप्स-कुरकुरे नहीं खा पाएंगे बच्चे
50 मीटर दूर होनी चाहिए जंक फूड की दुकानें
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मंडी। स्कूल की घंटी के साथ बच्चों के हाथों में समोसा, चिप्स और रंग-बिरंगे पैकेट अब आम नज़ारा नहीं रहेगा। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बच्चों की सेहत को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पढ़ाई के साथ सेहत को भी प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के आसपास जंक फूड की बढ़ती बिक्री पर लगाम कसने का फैसला किया है। यह कदम सिर्फ दुकानों पर रोक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अस्वस्थ खानपान से बचाने की कोशिश माना जा रहा है।
मंडी जिले में स्कूल जाने वाले बच्चों की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। अब स्कूलों के आसपास जंक फूड की दुकानें नहीं लग सकेंगी। नए आदेश के अनुसार, ऐसी दुकानें स्कूल से दूरी पर ही होनी चाहिए। इस फैसले का उद्देश्य बच्चों को खराब और अस्वस्थ भोजन से दूर रखना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपायुक्त अपूर्व देवगत ने सुरक्षित भोजन और बच्चों के स्वस्थ आहार को लेकर हुई जिलास्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने साफ कहा कि स्कूल परिसर से 50 मीटर तक किसी भी जंक फूड को बेचने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। इस काम में खाद्य सुरक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन की अहम भूमिका होगी। इसके साथ ही स्कूलों के मुख्य गेट पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि अभिभावकों और दुकानदारों को नियमों का सही से पता हो।
वहीं, अब स्कूल परिसर के अंदर भी ट्रांस फैट वाले खाने की चीजें बांटी नहीं जा सकेंगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की मदद से बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं, स्कूलों के बाहर तय दूरी तक ऐसी चीजों की बिक्री पर नजर रखने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग को दी गई है। उपायुक्त ने ईट राइट अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा स्कूलों को जोड़ने के निर्देश शिक्षा विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग को दिए हैं।
इसके अलावा बाजार में घटिया और नकली खाने-पीने की चीजों की बिक्री रोकने के लिए नियमित जांच होगी। खासकर पनीर जैसी रोजमर्रा की चीजों में मिलावट पर सख्ती की जाएगी। साथ ही तंबाकू और नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कड़ी निगरानी और कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही बैठक में बताया गया कि 1 जून से 19 दिसंबर 2025 तक जिले में 205 जांच की गईं। इस दौरान 137 खाने की चीजों के नमूने लिए गए। इनमें से 91 की रिपोर्ट आई, जिनमें 20 नमूने खराब पाए गए। अलग-अलग मामलों में करीब 5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। बैठक का संचालन खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने किया। बैठक में अन्य अधिकारी और समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।