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November 27, 2025
क्या हिमाचल के IAS-HAS अधिकारी जाएंगे जेल? हाईकोर्ट का वो फैसला... जिसने मचा दी खलबली
हाईकोर्ट की फटकार, आदेश ना मानने वाले अधिकारी जेल जाने को रहें तैयार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों हाईकोर्ट के आदेश से सरकारी गलियारों में सन्नाटा पसरा गया है। हाईकोर्ट ने ना सिर्फ सरकार को कड़ी फटकार लगाई है, बल्कि आला अधिकारियों को जेल तक डालने की चेतावनी दे डाली है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब सरकार और प्रशासनिक अमले की रातों की नींद उड़ गई है। कई प्रशासनिक अधिकारियों पर अब जेल जाने तक की तलवार लटकने लगी है।
दरअसल हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर कोर्ट सख्त हो गया है और सरकार के आला अधिकारियों को जेल भेजने तक की बात कह दी है। जिसके लिए सरकार के मुख्य सचिव को जेल जाने वाले अधिकारियों के गुजारे भत्ते तक की व्यवस्था करने का हुक्म सुना दिया है। हाईकोर्ट की फटकार ने अब सरकारी अमले की रातों की नींद को ही उड़ा दिया है।
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सरकार लंबे समय से कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही थी। पेंशनर बार बार मांग कर रहे थे कि उनके अनुबंध काल को पेंशन गणना से जोड़ा जाए, लेकिन सरकार हर बार देरी कर देती थी। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने पाया कि पिछली सुनवाई पर भी सरकार अनुपालना शपथपत्र दाखिल नहीं कर पाई।
यह अदालत की नजर में सीधी अवहेलना मानी गई। कोर्ट ने कहा कि अनुपालना याचिकाएं मई 2025 में दायर की गई थीं यानी लगभग छह महीने पहले, इसलिए उनके पास कोर्ट के आदेशों को लागू करने के लिए पूरा समय था, बावजूद ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में अब कोर्ट के पास एक्शन लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
हाईकोर्ट ने यह भी बताया कि सरकार से जुड़े 1300 अवमानना मामले कोर्ट में अटके हुए हैं। यह दिखाता है कि आदेशों की अनदेखी सरकार के सिस्टम में आदत बन चुकी है। अदालत ने कहा कि बड़े पद पर बैठे अधिकारी कानून से ऊपर नहीं हो सकते। अगर वे ही नियम नहीं मानेंगेए तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा?
कोर्ट ने अधिकारियों को केवल दो हफ्ते का आखिरी मौका दिया है। इस दौरान उन्हें आदेश का पालन कर यह सुनिश्चित करना होगा कि अनुबंध काल को पेंशन लाभ से वंचित न रहें। यह फैसला उन सैकड़ों कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी खबर है, जो वर्षों से अदालत के चक्कर काट रहे थे।