#विविध

June 20, 2026

हिमाचल: अधिकारी ने जबरन जूनियर को सौंप दी अपनी ही पत्नी, खुद बनाता रहा वीडियो; हाईकोर्ट ने पलटा फैसला

हाईकोर्ट ने जूनियर अधिकारी की बर्खास्तगी को कंपल्सरी रिटायरमेंट में बदला

शेयर करें:

himachal high court

शिमला। देवभूमि हिमाचल प्रदेश से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार कर दिया है बल्कि पवित्र वैवाहिक और सामाजिक रिश्तों को भी बुरी तरह कलंकित किया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए जूनियर अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त करने की कठोर सजा को पलट दिया है।

 

लेकिन जिस घिनौने मामले की परतें अदालत ने खोलीं उसकी रूह कंपा देने वाली पृष्ठभूमि ने कानून के रखवालों सहित पूरी व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। मामले में एक सीनियर अधिकारी ने अपनी ही पत्नी को अपने अधीनस्थ जूनियर अधिकारी के हवाले कर दिया था और खुद इस पूरे कुकृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग करता रहा।

चीफ जस्टिस की बेंच का सख्त रुख

यह ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस बीसी नेगी की खंडपीठ ने पीड़ित जूनियर अधिकारी की अपील पर सुनवाई करते हुए सुनाया। यह पूरा मामला साल 2008 का है, जो भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) से जुड़े एक आला अधिकारी और उनके सिक्योरिटी असिस्टेंट (जूनियर अफसर) से ताल्लुक रखता है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में भाजपा से हो गया 'खेला', शपथ से पहले इस MC के 11 पार्षदों पर केस दर्ज; थाने में बुलाए

जूनियर को बलि का बकरा बनाना अनुचित

माननीय अदालत ने पाया कि जब सीनियर अधिकारी ने ही अपने पद और रसूख का इस्तेमाल कर जूनियर को इस बेहद घिनौने और गलत काम के लिए विवश किया था, तो ऐसे में केवल जूनियर अफसर को ही बलि का बकरा बनाकर नौकरी से बर्खास्त करना पूरी तरह अनुचित, अतार्किक और भेदभावपूर्ण है।

पति ने शराब पिलाकर जूनियर को सौंपी पत्नी

इस पूरी खौफनाक दास्तां का खुलासा खुद उस सीनियर अधिकारी की बदनसीब पत्नी ने किया था। पत्नी ने अपने ही पति के खिलाफ रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए थे। महिला के मुताबिक उसके पति ने पहले उसे जबरन अत्यधिक शराब पिलाई और फिर उसकी मर्जी के खिलाफए डरा.धमकाकर अपने जूनियर अफसर के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: DIG संजीव गांधी से वसूले जाएंगे 1.80 लाख रुपए, आवास खाली ना करने पर लगाया डैमेज चार्ज

 

हद तो तब हो गई जब उस विकृत सोच वाले पति ने इस पूरे वाकये को अपने लैपटॉप के कैमरे में बकायदा रिकॉर्ड कर लिया। महिला को इस खौफनाक राज को छुपाए रखने और किसी को भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने व जान से मारने की धमकी दी गई थी।

हाईकोर्ट ने उठाए समानता के सवाल

हाईकोर्ट की डबल बेंच ने विभागीय कार्रवाई के उस दोहरे मापदंड पर भी गहरी नाराजगी जताई, जिसके तहत असली मास्टरमाइंड सीनियर अधिकारी को तो महज़ दो साल के लिए वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) रोकने की मामूली सजा देकर छोड़ दिया गया] जबकि दबाव में आकर गलती करने वाले जूनियर अफसर को सीधे नौकरी से निकाल दिया गया। अदालत ने इसे सेवा नियमों के तहत सरासर अन्याय और भेदभाव माना। बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि रिकॉर्ड से यह पूरी तरह साफ है कि जूनियर अफसर और सीनियर की पत्नी के बीच जो कुछ भी हुआ, उसके पीछे पूरी भूमिका उस सीनियर अधिकारी की ही थी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: मनीषा मित्तल ह*त्याकांड का सामने आया लाइव VIDEO, बेहद पास से मारी थी गो*लियां; देखें

अदालत ने सुधारी प्रशासनिक भूल

मामले में हाईकोर्ट ने जूनियर अधिकारी के प्रति नरमी दिखाई। कोर्ट ने उसकी बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करते हुए उसे 'कंपल्सरी रिटायरमेंट' यानी अनिवार्य सेवानिवृत्ति में तब्दील करने के निर्देश जारी किए। इस फैसले से जूनियर अफसर को पूर्ण सेवामुक्ति की जिल्लत से निजात मिली है और वह अपनी गरिमा के साथ सेवानिवृत्ति के लाभ प्राप्त करने का हकदार बन गया है। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि मजबूर और गुनहगार के बीच के फर्क को कानून हमेशा सर्वोपरि रखता है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख