#विविध
January 30, 2025
हिमाचल के छात्रों का देश में सबसे बेहतर रीडिंग लेवल, नंबरवन पर रहा- केरल को भी पछाड़ा
रीडिंग लेवल के मामले में हिमाचल देशभर में अव्वल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं का रीडिंग लेवल पूरे देश में सबसे बेहतर पाया गया है। भारत सरकार द्वारा अनुबंधित एनुअल स्टेट्स ऑफ एजुकेशन (असर) की 2024 की वार्षिक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि प्रदेश के थर्ड क्लास के 46.6 प्रतिशत छात्र-छात्राएं आसानी से दूसरी कक्षा की हिंदी पाठ्य पुस्तक को पढ़ लेते हैं।
बताते चलें कि यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, जहां केवल 23.4 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही दूसरी कक्षा की पुस्तक को पढ़ पाते हैं। प्रदेश में 2022 में तीसरी कक्षा के केवल 23 प्रतिशत बच्चे ही दूसरी कक्षा की पाठ्य पुस्तक पढ़ पा रहे थे, लेकिन 2024 में यह आंकड़ा दोगुना से भी ज्यादा बढ़कर 46.6 प्रतिशत हो गया। इस सुधार को राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब कोरोना काल के दौरान छात्रों के रीडिंग लेवल में गिरावट आई थी। हालांकि, अब स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।
हिमाचल के बाद, केरल के बच्चों का रीडिंग लेवल भी अच्छा है जहां 44.4 प्रतिशत थर्ड क्लास के छात्र सेकेंड क्लास की पाठ्य पुस्तक पढ़ सकते हैं। इसके बाद उड़ीसा (37.7%), महाराष्ट्र (37%), उत्तराखंड (35.6%), पश्चिम बंगाल (34%) और उत्तर प्रदेश (27.9%) का स्थान है।
इस रिपोर्ट में राजस्थान के आंकड़े सबसे चिंताजनक रहे। वहां केवल 12.1 प्रतिशत छात्र ही सेकेंड क्लास की टेक्स्टबुक पढ़ सकते हैं। इसके अलावा असम (13.2%), झारखंड (14.1%), मध्यप्रदेश (14.8%) और बिहार (20.1%) में भी स्थिति निराशाजनक है, जहां बहुत कम संख्या में बच्चे दूसरी कक्षा की किताबें पढ़ पा रहे हैं।
हिमाचल में निपुण मिशन के तहत बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार टीचरों को नियमित ट्रेनिंग दे रही है और उन्हें ऑनलाइन रीडिंग मटेरियल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जा रही है, ताकि उनके रीडिंग लेवल में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।