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March 21, 2026
सुक्खू सरकार करेगी साइबर मित्र भर्ती, हिमाचल में तीन नए शहर बसेंगे, जानें बड़ी घोषणाएं
ट्राउट मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए 100 नई इकाइयां स्थापित करने की घोषणा
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शिमला। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए साफ कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश अब कम बजट ज्यादा प्रभाव की नीति पर आगे बढ़ेगा। वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले कम है। लेकिन इस बार फोकस साफ हैकृरोजगारए स्वरोजगारए ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई दिशा देना।
मुख्यमंत्री की ओर से साइबर सुरक्षा हिमाचल प्रदेश में साइबर मित्र के पद भरने की घोषणा की गई। साइबर सुरक्षा को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। एंटी चिट्टा आंदोलन को जन आंदोलन बनाया जाएगा। एसएमएसई क्षेत्र के लिए हिम स्टार्टअप स्कीम शुरू होगी। 10 हजार हिमाचली युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण मिलेगा। हिमाचल प्रदेश के उद्योग क्षेत्र के लिए नई नीति बनाने की घोषणा की गई। रेशम उत्पादन के लिए प्रतिवर्ष 2 करोड़ के बजट के साथ हिम सिल्क योजना शुरू करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में 3 नए शहर बसाने की घोषणा की है। इसके तहत सोलन जिले के बद्दी के सुल्तानपुर इलाके में “हिम चंडीगढ़” टाउनशिप विकसित की जाएगी, जो चंडीगढ़ के साथ सटे क्षेत्र में होगी। वहीं सिरमौर जिले में मोरनी हिल के समीप “हिम पंचकूला” टाउनशिप बसाई जाएगी। इसके अलावा धोलादर क्षेत्र में “टाउनशिप” स्थापित करने की भी योजना है। प्रत्येक टाउनशिप लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर विकसित की जाएगी। इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रदेश में संतुलित आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बड़े शहरों पर दबाव कम होगा और नए विकास केंद्र स्थापित होंगे।
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में अब स्टील के जल भंडारण टैंक बनेंगे। ब्लीचिंग पाउडर का 1000 योजनाओं में प्रयोग नहीं होगा।
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के 46 नगर निकायों में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। शहरी विकास विभाग में 542 करोड़ का प्रविधान किया जाएगा।
खेलो हिमाचल चिट्टा मुक्त अभियान शुरू किया जाएगा। युवाओं में नशे की लत दूर करने के लिए वालीबाल, क्रिकेट व कबड्डी प्रतियोगिताएं होंगी। 15 से 35 वर्ष की आयु के 50,000 युवा शामिल होंगे, इसके लिए अलग से कैलेंडर बनेगा।
सीएम सुक्खू ने अपने गृह जिला के लिए बड़ी घोषणा की। बजट भाषण में सीएम सुक्खू ने हमीरपुर में प्रदेश का पहला साइंस कॉलेज स्थापित करने का ऐलान किया। इसके अलावा हमीरपुर के नादौन में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक एक्वा पार्क बनाया जाएगा।
हिमाचल में पहली बार मत्स्य पालन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने की ठोस पहल की गई है। हमीरपुर के नादौन में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक एक्वा पार्क बनाया जाएगा। यह पार्क न सिर्फ आधुनिक तकनीक से मछली उत्पादन को बढ़ावा देगा, बल्कि इसे पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
इसके साथ ही ट्राउट मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए 100 नई इकाइयां स्थापित करने की घोषणा की गई है। हिमाचल का ठंडा जलवायु क्षेत्र ट्राउट के लिए अनुकूल माना जाता है, और सरकार इसे ब्रांड के रूप में विकसित करना चाहती है। इससे छोटे मछुआरों और युवाओं को स्वरोजगार का मजबूत विकल्प मिलेगा।
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सरकार ने मछुआरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब नौका खरीदने पर 70% तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे गरीब मछुआरे भी आधुनिक संसाधनों से जुड़ सकेंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि मछली पकड़ने पर लगने वाली 15% रॉयल्टी को घटाकर सिर्फ 1% कर दिया गया है। इससे मछुआरों की आय में सीधा इजाफा होगा। इसके अलावा ऑफ-सीजन के दौरान लगभग 6000 मछुआरों को 3500 रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित नहीं होगी।
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मछली के परिवहन को आसान बनाने के लिए 20 रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर भी 70% सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही, अगर बाजार में मछली की कीमत 100 रुपये प्रति किलो से कम रहती है, तो सरकार 20 रुपये प्रति किलो का अंतर सीधे DBT के जरिए देगी।
हिमाचल को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने के लिए सरकार ने कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। कांगड़ा एयरपोर्ट के पास एक आधुनिक एयरो सिटी विकसित की जाएगी, जिससे निवेश और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली से धर्मशाला और शिमला के लिए नई फ्लाइट सेवाएं शुरू करने की योजना भी अगले एक महीने में लागू करने की बात कही गई है। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
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सरकार ने श्री नैना देवी और श्री ज्वाला जी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यकरण का निर्णय लिया है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही ग्रामीण पर्यटन को भी नई पहचान देने की तैयारी है। ग्रामीण भ्रमण, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय संस्कृति को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। इससे गांवों में आय के नए स्रोत बनेंगे और पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने होमस्टे, फूड स्टॉल और हस्तशिल्प जैसे कार्यों के लिए 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 कमरों तक के होटल या होमस्टे बनाने पर ब्याज में 10% अनुदान देने की योजना भी लाई जाएगी। सोलन और मंडी में पहले चरण में कारवां पर्यटन पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे एडवेंचर और रोड ट्रिप टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया तक पहुंचाने के लिए नई फिल्म नीति लाई जाएगी। फिल्म शूटिंग के लिए स्थानों का चयन किया जाएगा और प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य सरकार उन कंटेंट क्रिएटर्स को भी सम्मानित करेगी जो हिमाचल के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करेंगे। इससे डिजिटल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिमला, मनाली और डलहौजी जैसे लोकप्रिय स्थलों पर “नाइट पिकनिक” की सुविधा शुरू की जाएगी। सुरक्षित माहौल में शाम से देर रात तक पर्यटन गतिविधियां आयोजित होंगी। यह पहल खासतौर पर युवा पर्यटकों को आकर्षित करेगी और राज्य में पर्यटन का दायरा बढ़ाएगी।
यह बजट भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन इसकी सोच बड़ी है। मत्स्य पालन से लेकर पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक, हर क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब हिमाचल में विकास का मॉडल “संतुलन, नवाचार और स्थानीय सशक्तिकरण” पर आधारित होगा।