#विविध

March 31, 2026

हिमाचल पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट की सुक्खू सरकार को राहत, आरक्षण रोस्टर को करना होगा इंतजार

हिमाचल हाईकोर्ट ने आरक्षण रोस्टर के लिए एक सप्ताह का दिया समय

शेयर करें:

panchyat election

शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनावों को लेकर एक अहम अपडेट सामने आई है। चुनावी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले आरक्षण रोस्टर के लिए अब इंतजार बढ़ गया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को रोस्टर जारी करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देते हुए 7 अप्रैल तक हर हाल में इसे अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं।

रोस्टर जारी करने के लिए नई डेडलाइन तय

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि पंचायती राज संस्थाओं का आरक्षण रोस्टर 13 फरवरी 2026 की स्थिति को आधार मानकर तैयार किया जाए। साथ ही, आगामी पंचायत चुनाव भी इसी आधार पर कराए जाएंगे। अदालत ने यह भी साफ किया कि तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करना सरकार की जिम्मेदारी होगी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल पंचायत चुनाव : आज जारी होगा आरक्षण रोस्टर, कल से लोगों को लुभाएंगे भावी उम्मीदवार

सरकार ने मांगा था अतिरिक्त समय

दरअसल, राज्य सरकार निर्धारित समय सीमा में रोस्टर जारी नहीं कर पाई थी, जिसके चलते कोर्ट से एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की बेंच ने इस मांग को स्वीकार करते हुए 7 अप्रैल तक आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए।

पंचायत पुनर्गठन पर फिलहाल रोक बरकरार

कोर्ट ने 13 फरवरी के बाद गठित नई पंचायतों, पुरानी पंचायतों के विभाजन और पुनर्गठन से जुड़ी अधिसूचनाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फिलहाल रोक जारी रखी है। इन मामलों का अंतिम फैसला बाद में मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इससे जुड़े ड्राफ्ट प्रस्तावों और अधिसूचनाओं पर पहले ही अंतरिम रोक लगाई जा चुकी है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : BPL में शामिल होने का मौका, आज शाम तक करना होगा आवेदन

सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन भी बनी वजह

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर तय किया जाना था, लेकिन विभिन्न कानूनी अड़चनों के चलते यह संभव नहीं हो पाया। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा दी गई एक सप्ताह की राहत से सरकार को प्रक्रिया पूरी करने का समय मिल गया है।

हजारों दावेदारों का इंतजार बढ़ा

आरक्षण रोस्टर जारी होने में देरी के कारण पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवारों को अब और इंतजार करना पड़ेगा। रोस्टर तय होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस सीट पर किस वर्ग के लिए आरक्षण लागू होगा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में पंजाब की तरफ से NO ENTRY! एक अप्रैल से आना-जाना होगा बंद- जानिए क्या है कारण

प्रदेश में चुनाव की बड़ी तैयारियां

प्रदेश की 3773 पंचायतों और 73 शहरी निकायों में 31 मई से पहले चुनाव प्रस्तावित हैं। पंचायत स्तर पर प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए चुनाव होंगे, जबकि नगर निकायों में पार्षदों का चयन किया जाएगा।

कार्यकाल समाप्त, एडमिनिस्ट्रेटर के भरोसे व्यवस्था

पंचायतों और नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में वर्तमान में इन संस्थाओं का संचालन प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से किया जा रहा है। पंचायत चुनावों को लेकर बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी के बीच अब सभी की नजरें 7 अप्रैल पर टिकी हैं। रोस्टर जारी होते ही चुनावी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में चुनावी माहौल और गर्मा सकता है।

 

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख