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April 4, 2026
हिमाचल में भूकंप : बारिश के बीच डोली धरती, घरों से बाहर भागे लोग- क्या आपने महसूस किए झटके?
4 अप्रैल, 1905 में भूकंप से कांगड़ा में हुई थी भारी तबाही
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के झटकों ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और अफरा-तफरी मच गई।
आपको बता दें कि जिस वक्त भूकंप आया उस वक्त कई लोग चैन की नींद सो रहे थे। जबकि, कुछ लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और सड़कों की ओर भागने लगे।
भूकंप के झटके कल रात करीब 9 बजकर 46 मिनट पर महसूस हुए हैं। कई लोगों ने भूकंप के झटके अनुभव किए हैं। हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता कितनी रही।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने भूकंप के झटकों को महसूस किया है। मगर भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण ज्यादातर लोगों को इसका पता नहीं चल पाया। अब तक किसी भी प्रकार के जान व माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
आपको बता दें कि भूकंप के झटके हिमाचल के साथ-साथ पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और दिल्ली में भी महसूस किए गए हैं। भूकंप का केदंर् अफगानिस्तान का हिंदूकुश था। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 आंकी गई।
विदित रहे कि कांगड़ा में भूकंप के झटकों ने लोगों को 121 साल पुरानी त्रासदी का याद करवा दिया। साल 1905 में 4 अप्रैल को कांगड़ा में सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर तेज भूकंप आया था। जिसमें करीब 20 हजार लोगों की मौत हो गई थी।
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भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के अंदर सात प्लेट्स होती हैं- जो लगातार घूमती रहती हैं। जब यह प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।