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February 25, 2025
हिमाचल: स्वर्ग से लौटे देवता गौतम ऋषि, बाढ़ आने की हुई भविष्यवाणी - शुभ संकेत भी
42 दिन बाद देवता की प्रतिमा से लेप हटाने के बाद मिले संकेत
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में मनाली के देवता गौतम ऋषि ने 42 दिन के स्वर्ग प्रवास से लौटकर प्रदेश में बाढ़ की चेतावनी दी है। देवता गौतम ऋषि मकर संक्रांति के दिन स्वर्ग के प्रवास पर चले गए थे। उसी दिन गोशाल गांव में स्थित उनके मंदिर में प्रतिमा पर एक खास तरह की मिट्टी का लेप लगाया गया था। रविवार को फागली उत्सव के मौके पर सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में जब लेप हटाया गया तो उसमें कंकड़ निकले, जो कि बाढ़ आने की भविष्यवाणी है।
देवता के कारदार हरि सिंह ने बताया कि मिट्टी से कंकड़ का निकलना बाढ़ की चेतावनी है। पीले रंग की मिट्टी से धार्मिक कार्यों में वृद्धि का संकेत मिला है। मिट्टी में बाल निकलने से जान-माल की हानि की आशंका जताई गई है। फागली उत्सव के दिन देवता गौतम ऋषि की प्रतिमा से लेप हटते ही अब गांव के लोग रेडियो-टीवी चला सकेंगे और खेतों में खुदाई कर सकेंगे। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, 14 जनवरी को देवता तपस्या में लीन हो जाते हैं।
उनकी साधना में खलल न पड़े, इसलिए गांव के लोग शोर-शराबा नहीं करते। यहां तक कि मोबाइल फोन भी साइलेंट पर रखे जाते हैं। यह प्राचीन परंपरा सदियों से चली आ रही है। जिसका आज तक ग्रामीण देव प्रतिबंध में बंधते हुए पालन कर रहे हैं।
42 दिनों के पश्चात, फागली उत्सव के दौरान, मंदिर के कपाट पुनः खोले जाते हैं और देवता की मूर्ति से मिट्टी का लेप हटाया जाता है। इस प्रक्रिया में, मिट्टी के लेप से प्राप्त संकेतों के आधार पर आने वाले समय की भविष्यवाणी की जाती है।
1. यदि मिट्टी से पत्ते निकलते हैं, तो इसे अच्छी फसल का संकेत माना जाता है
2. कोयले का मिलना मतलब आगजनी
3. अगर बाल निकलें तो जान-माल का नुकसान होता है
4. फूल पत्ते निकले तो फसलें अधिक होंगी।
5. कुमकुम और पीले रंग की मिट्टी निकले तो धार्मिक और देव कार्य ज्यादा होंगे ।
देवता गौतम ऋषि की भविष्यवाणियां हमेशा सच हुई हैं। लोगों की इसी आस्था के चलते देवताओं के स्वर्ग प्रवास के दौरान दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस दिन यहां पहुंचते हैं।