राजनीति

#विविध

June 23, 2026

HRTC कर्मियों को डिप्टी CM का सख्त संदेश: दबाव की राजनीति नहीं चलेगी, कल से नए चालकों की भर्ती

निगम प्रबंधन कल शुरू करेगा नए चालकों की भर्तियां, होमगार्ड बनेंगे कंडक्टर

Add

News4himachal

as a

Trusted Source on

Google

शेयर करें:

HRTC Strike News

शिमला। हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर सियासी और प्रशासनिक माहौल गर्मा गया है। एक तरफ चालक-परिचालक संघ अपनी मांगों को लेकर 24 जून से चक्का जाम का ऐलान कर चुका है, तो दूसरी ओर सुक्खू सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कीमत पर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को ठप नहीं होने दिया जाएगा। हड़ताल के ऐलान और प्रदेश में लागू एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) के बीच अब सरकार और एचआरटीसी कर्मचारी आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

 

इस पूरे घमासान के बीच उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कर्मचारियों को दोटूक चेतावनी दे दी है। डिप्टी सीएम ने साफ किया है कि वार्ता के विकल्प हमेशा खुले हैं, लेकिन दबाव की राजनीति किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार नए चालक-परिचालकों की भर्ती करेगी, लेकिन जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में फिल्मी स्टंट जैसा हा.दसा: हवा में उछली कार... पुल से नीचे गिरी; वीडियो CCTV में कैद

दबाव की राजनीति नहीं चलेगी

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन है और लाखों लोग रोजाना इसकी सेवाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकार की पहली प्राथमिकता आम जनता की सुविधा और सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हड़ताल और चक्का जाम के जरिए दबाव बनाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि बस सेवाएं बाधित होती हैं तो सरकार वैकल्पिक व्यवस्था के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर नए चालक और परिचालकों की भर्ती भी कर सकती है।

कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

मुकेश अग्निहोत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कुछ कर्मचारी नेताओं ने भाषा की मर्यादा को भुलाकर अनावश्यक बयानबाजी की है, जिसने सरकार को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया है। प्रदेश में आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू होने का हवाला देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि आवश्यक सेवाओं को बाधित करना कानून के दायरे में गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सरकार का मानना है कि चक्का जाम या हड़ताल किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और संवाद के माध्यम से ही रास्ता निकाला जा सकता है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: नशेड़ी पति-पत्नी का बीच सड़क हाई वोल्टेज ड्रामा; आपस में ही भिड़ गए दोनों; चला दिया चा*कू

हड़ताल की आशंका के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

संभावित हड़ताल को देखते हुए परिवहन विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अधिकारियों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से शिमला सहित प्रमुख शहरों में निजी बस ऑपरेटरों, टैक्सी यूनियनों और अन्य परिवहन सेवा प्रदाताओं से सहयोग मांगा गया है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला : अगले महीने पेंशनरों को देंगे एरियर की सौगात, लंबे समय से था इंतजार

निजी बसों और टैक्सियों का लिया जाएगा सहारा

परिवहन विभाग ने निजी बस संचालकों को जरूरत पड़ने पर प्रभावित मार्गों पर अतिरिक्त सेवाएं संचालित करने के लिए तैयार रहने को कहा है। इसके अलावा टैक्सी यूनियनों से भी पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध रखने का आग्रह किया गया है। जरूरत पड़ने पर शिक्षण संस्थानों के अधिकृत वाहनों और अन्य परिवहन संसाधनों का भी उपयोग किया जा सकता है ताकि लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

1500 दिहाड़ी पर चालकों की भर्ती, होमगार्ड जवान बनेंगे कंडक्टर

वहीं दूसरी तरफ निगम प्रबंधन ने हड़ताल की चेतावनी के बीच व्यवस्था बनाए रखने को कमर कस ली है। प्रबंधन 1500 रुपए दिहाड़ी पर चालकों को बसें चलाने को देगा। बसों में होमगार्ड के जवान कंडक्टर की भूमिका निभाएंगे। इतना ही नहीं कल यानी बुधवार दोपहर बाद चालकों परिचालकों की भर्ती भी शुरू की जाएगी। भविष्य में अगर एचआरटीसी प्रबंधन इन दिहाड़ीदार चालकों की सेवाओं से संतुष्ट हुआ तो उन्हें नियमित किए जाने पर भी विचार किया जाएगा।

यात्रियों को दी गई सलाह

विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले बस सेवाओं की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। हड़ताल की स्थिति बनने पर वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

यह भी पढ़ें : अनुराग ठाकुर का प्रहार : हार से घबराए CM सुक्खू, अनाप-शनाप बयानबाजी पर उतरे

प्रदेशभर में बढ़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल

एचआरटीसी कर्मचारियों के आंदोलन और सरकार की सख्त चेतावनी के बाद पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कर्मचारी संगठन और सरकार के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या फिर मामला टकराव की स्थिति तक पहुंचता है। फिलहाल सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह जनता की सुविधा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगी और आवश्यकता पड़ने पर कड़े प्रशासनिक कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें। 

ट्रेंडिंग न्यूज़

LAUGH CLUB

संबंधित आलेख