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April 14, 2026
'हिमाचल दिवस' पर सीएम सुक्खू कर सकते हैं DA-एरियर की घोषणा, कर्मचारियों-पेंशनरों में जगी उम्मीद
सीएम कल डीए एरियर सहित कर सकते हैं यह चार घोषणाएं
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शिमला/रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के लिए कल यानी 15 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक और उत्सवपूर्ण होने वाला है। जनजातीय जिला किन्नौर के रिकांगपिओ में कल राज्यस्तरीय हिमाचल दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। हिमाचल दिवस पर प्रदेश के करीब पौने तीन लाख कर्मचारी और 1.71 लाख पेंशनर की नजरें भी टिकी हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे और माना जा रहा है कि वह मंच से कर्मचारियों के हक में कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
कल का दिन प्रदेश के उन लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सौगातों वाला बुधवार साबित हो सकता है, जो लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों को सबसे बड़ी उम्मीद 13 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ते (DA) की घोषणा से है। इसके साथ हीए वर्ष 2016 से बकाया डीए एरियर, जो अब लाखों रुपये तक पहुंच चुका है, को लेकर भी मुख्यमंत्री के संबोधन पर सबकी नजरें जमी होंगी। चर्चा है कि मुख्यमंत्री बजट में किए गए वादों को अमलीजामा पहनाने के लिए समयबद्ध भुगतान की रूपरेखा पेश कर सकते हैं। ऐसे में हिमाचल दिवस पर होने वाली घोषणाओं को लेकर सभी की नजरें सरकार पर टिकी हुई हैं।
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मुख्यमंत्री ने हाल ही में पेश किए गए बजट में कई अहम घोषणाएं की थीं। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि इन घोषणाओं को लागू करने का रोडमैप भी इस अवसर पर स्पष्ट किया जाएगा।
हिमाचल दिवस के मंच से सरकार एक लाख अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गारंटी को लागू करने का भी ऐलान कर सकती है। इसके साथ ही औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी संभावित है।
जहां एक ओर आशाओं का सैलाब है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों के भीतर सुलगती नाराजगी भी कम नहीं है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कर्मचारी वर्षों से केवल आश्वासन की घुट्टी पी रहे हैं। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि 2016 के वेतन आयोग का एरियर आज तक फाइलों में दबा है। अगर इस हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे जाएगा। सरकार को यह समझना होगा कि कर्मचारी आंदोलन की राह नहीं अपनाना चाहते, लेकिन अपने हक के लिए मजबूर जरूर हो सकते हैं।
अब सभी की निगाहें 15 अप्रैल को होने वाले हिमाचल दिवस समारोह पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने के लिए कितनी बड़ी घोषणाएं करती है। अगर सरकार उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो यह लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, वरना नाराजगी का दौर और तेज हो सकता है।