#विविध
November 25, 2025
हिमाचल पुलिस अफसर ने बड़े नेटवर्क का किया पर्दाफाश : दो दिन बाद हुआ ट्रांसफर
हिमाचल पुलिस तबादलों का बड़ा उलटफेर- लोगों के मन में उठे सवाल
शेयर करें:

चंबा। नशे के खिलाफ दो दिन पहले कड़ी कार्रवाई के बाद चंबा के ASP का अचानक तबादला बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। जहां उनकी कार्रवाई ने नशे के खिलाफ बहादुरी दिखाई, वहीं यह ट्रांसफर सवाल पैदा कर रहा है। लोग सोच रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई के दबाव में सरकार ने फैसला लिया है तो शासन का कहना है कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है।
हिमाचल प्रदेश में पुलिस विभाग में हुए अचानक फेरबदल ने नई हलचल पैदा कर दी है। सबसे ज्यादा चर्चा में है चंबा के ASP हितेश लखनपाल का तबादला। वह भी तब, जब सिर्फ दो दिन पहले उन्होंने नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था।
लगातार दबिशों, गिरफ्तारियों और टूटते ड्रग नेटवर्क की वजह से उनकी कार्रवाई सुर्खियों में थी। लोग खुलकर कह रहे थे कि आखिर कोई अधिकारी इतने सख्त कदम उठाता है तो उसका असर जमीन पर जरूर दिखता है। लेकिन इसी बीच आदेश आया कि ASP हितेश लखनपाल को चंबा से हटाकर कमांडेंट, 12वीं होमगार्ड बटालियन ऊना तैनात किया जा रहा है।
सरकार की तरफ से कहा गया कि ये नियमित तबादले हैं, लेकिन आम जनता इसे आम तबादला नहीं मान रही। वजह भी साफ है क्योंकि यह फैसला ठीक उसी समय आया जब चंबा पुलिस नशे के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में लगी थी।
इलाके में कई दिन से चल रही गुप्त जानकारी और लगातार दबिशें संकेत दे रही थीं कि नशे के नेटवर्क पर इस बार जोरदार चोट पड़ने वाली है। ऐसे माहौल में अचानक अधिकारी का तबादला होना लोगों को अटपटा लग रहा है।
स्थानीय लोग कह रहे हैं कि अगर नशे के खिलाफ लड़ाई को सच में मजबूत करना है, तो ऐसे अफसरों को फील्ड में रखने की जरूरत है। कई लोग इसे उन अधिकारियों के मनोबल पर असर डालने वाला कदम भी बता रहे हैं, जो पूरी ईमानदारी से नशे के खिलाफ काम कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि तबादले सरकार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और किसी एक घटना से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में किए गए तबादलों में बड़ा बदलाव करते हुए कई आदेश वापस ले लिए हैं और कुछ पुराने आदेश फिर से लागू कर दिए हैं। नए फैसलों ने पूरे विभाग में फिर से हलचल मचा दी है।
सरकार ने चार HPPS अधिकारियों के पहले जारी किए गए तबादला आदेश रद्द कर दिए हैं। अब ये सभी अधिकारी अपनी मौजूदा तैनाती पर ही काम करते रहेंगे-
एक बड़ा निर्णय लेते हुए सरकार ने उन आदेशों को वापस ले लिया है जिनमें शेर सिंह-II और योग राज की पोस्टिंग रोक दी गई थी। अब 5 नवंबर 2025 को जारी उनके मूल तबादला आदेश फिर से लागू रहेंगे-
इस बदलाव से दोनों अधिकारियों की नई तैनाती साफ हो गई है।
सरकार ने IPS कैडर में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। डॉ. डीके चौधरी का तबादला आदेश रद्द कर दिया गया है। वे DIG साइबर क्राइम धर्मशाला नहीं जाएंगे, वे पहले की तरह प्रधानाचार्य, पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय दरोह ही बने रहेंगे। DIG सौम्या सांबशिवन को दरोह का अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है, अब वे सिर्फ DIG उत्तरी रेंज, धर्मशाला के पद की जिम्मेदारी संभालेंगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या चंबा में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की रफ्तार पर इस तबादले का असर पड़ेगा। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नए अफसर भी उसी सख्ती से नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाएगा ताकि पहाड़ की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके। इन बदलावों के साथ पुलिस विभाग में नई स्थिति साफ हो गई है। रद्द किए गए आदेशों और बहाल हुए तबादलों ने पूरे राज्य में चर्चा बढ़ा दी है कि आखिर लगातार फैसलों में हो रहे फेरबदल के पीछे सरकार की रणनीति क्या है।