#राजनीति
June 7, 2026
PM मोदी के निशाने पर हिमाचल सरकार : बोले- निकाय चुनावों में कांग्रेस को जनता ने नकारा
कांग्रेस को जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला
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शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया है और राज्य में सत्तारूढ़ सरकार की नीतियों को नकार दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकारें सत्ता में हैं, वहां लोग प्रशासनिक अव्यवस्था और खराब शासन व्यवस्था से परेशान हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं ने भी चुनावी परिणामों के माध्यम से कांग्रेस सरकार के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है और यही कारण है कि विभिन्न राज्यों में उसे लगातार राजनीतिक झटके मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री नेकहा कि, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और लोगों ने अपने मतदान के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है। उनके अनुसार प्रदेश की जनता विकास और सुशासन के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता की समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में कांग्रेस को लगातार चुनावी झटके मिल रहे हैं, जो जनता की सोच में आए बदलाव को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस को जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि लोग अब परिणाम आधारित राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं और केवल राजनीतिक नारों से प्रभावित नहीं हो रहे।
इधर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जल्द ही दिल्ली दौरे पर जाने वाले हैं। वहाँ प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली नीति आयोग की बैठक में भाग लेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने की तैयारी में हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व घाटा अनुदान यानी RDG और अन्य विकासात्मक विषयों पर केंद्र से सहयोग की मांग कर सकते हैं। प्रदेश सरकार का मानना है कि वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र की अतिरिक्त सहायता आवश्यक है।
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू हिमाचल के आर्थिक और विकास संबंधी मामलों को प्रमुखता से उठाएंगे। इसके अलावा केंद्र और राज्य के बीच विभिन्न लंबित विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। वहीं प्रदेश में मुख्यमंत्री लगातार जनसुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दे रहे हैं।