#हादसा
August 24, 2026
मणिमहेश के रास्ते में श्रद्धालुओं पर पहाड़ी से गिरे पत्थर, यात्रा पर लगी रोक- जानें
कई जगहों पर रास्ते की स्थिति सुरक्षित नहीं है।
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा के भरमौर में लगातार बारिश ने मणिमहेश यात्रा की राह मुश्किल कर दी है। पहाड़ों से गिरते पत्थर और जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रहे रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।
हड़सर-डल झील मार्ग पर दुनाली के पास शनिवार शाम हुए हादसे ने भी खतरे की गंभीरता बढ़ा दी, जहां पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की चपेट में आकर दो श्रद्धालु मामूली रूप से घायल हो गए। हालात को देखते हुए अब 23 और 24 अगस्त को हड़सर से मणिमहेश कैलाश की ओर यात्रा पूरी तरह बंद रहेगी।
उपमंडल अधिकारी नागरिक भरमौर अजय कुमार सिंह के अनुसार लगातार बारिश के कारण मणिमहेश यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में सड़क और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगहों पर रास्ते की स्थिति सुरक्षित नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने जनहित और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 23 और 24 अगस्त के लिए यात्रा स्थगित करने का फैसला लिया है। इस दौरान हड़सर से कैलाश की तरफ किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को जाने की अनुमति नहीं होगी।
यात्रा मार्ग पर खतरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार शाम हड़सर-डल झील मार्ग पर दुनाली के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिर गए। इसकी चपेट में आने से दो श्रद्धालु घायल हो गए। दोनों को मामूली चोटें आई हैं।
इस घटना के बाद प्रशासन ने यात्रा मार्ग की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता बरती है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ियों से पत्थर गिरने और रास्तों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन 25 अगस्त को मणिमहेश यात्रा मार्ग की स्थिति की दोबारा समीक्षा करेगा। इस दौरान मौसम, सड़क और पैदल रास्तों की हालत तथा बहाली के काम को देखा जाएगा। इसके बाद परिस्थितियों के आधार पर यात्रा फिर शुरू करने या रोक की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।

SDM ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान मणिमहेश की ओर जाने का प्रयास न करें। प्रशासन ने संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों से होकर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस अवधि में यात्रा करने से रोकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद कोई व्यक्ति मणिमहेश यात्रा करता है तो यात्रा के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना या नुकसान के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। इसके अलावा अगर कोई गाइड या अन्य व्यक्ति श्रद्धालुओं अथवा पर्यटकों को प्रतिबंध के बावजूद यात्रा पर ले जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन का यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है। अब 25 अगस्त की समीक्षा के बाद ही साफ होगा कि मणिमहेश यात्रा के लिए रास्ते दोबारा कब खोले जाएंगे।