#यूटिलिटी
March 13, 2026
हिमाचल की जनता को बड़ी राहत : समय पर मिलेगा सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल की भी नहीं कमी
सोलन जिले में पहुंचे 3000 सिलेंडर- लोग खुश
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सोलन। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों LPG की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती जरूरत को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को व्यावसायिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर जारी रखी जाएगी- ताकि जरूरी सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिला सोलन नियंत्रक खाद्य आपूर्ति सरवण कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में जिला सोलन में कुल 7239 घरेलू LPG सिलेंडर उपलब्ध हैं। गुरुवार को आठ वाहनों के माध्यम से लगभग तीन हजार गैस सिलिंडर जिले में पहुंचाए गए हैं। इससे गैस आपूर्ति व्यवस्था को कुछ हद तक राहत मिली है और एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक सिलिंडर पहुंचाने का कार्य तेज किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन करीब 3500 LPG सिलेंडरों की मांग रहती है। मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विभाग लगातार गैस कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है- ताकि किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी महसूस न हो।
साथ ही एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराएं। इधर, प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप और उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने लोगों से अपील की है कि घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी नहीं है, इसलिए घबराकर अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है और प्रशासन हालात पर पूरी तरह नजर रखे हुए है।
गुरुवार को उपायुक्त शिमला ने सभी SDM के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा भी की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की जानकारी ली गई और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सीमित रखी गई है। प्राथमिकता के आधार पर यह सिलेंडर केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दिए जा रहे हैं। अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे प्रतिष्ठानों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मिट्टी के तेल या कोयले की मांग जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, शिमला के कार्यालय में दर्ज करवाएं- ताकि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग लगातार आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहा है, ताकि आम उपभोक्ताओं और आवश्यक संस्थानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।