#विविध
July 29, 2026
कंगना रनौत ने Gen Z को कहा गटर छाप, बोलीं- शराब पीती हैं, मां-बाप की कमाई खाती हैं
प्रदर्शन की रीलों को लेकर जताई नाराजगी
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मंडी। हिमाचल प्रदेश की भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने Gen-Z के जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करते हुए कंगना ने प्रदर्शनकारियों की रीलों, भाषा और व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने यहां तक कह दिया कि Gen-Z की कुछ रीलें देखकर उन्हें उल्टी आती है और उन्होंने इस पीढ़ी के लिए ‘जनरेशन गटर’ जैसे शब्द का भी इस्तेमाल किया।
कंगना ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने जिंदगी में एक जगह पर इतनी कथित ‘कुरूपता’ कभी नहीं देखी। उन्होंने Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रीलों को लेकर भी नाराजगी जताई। कंगना के मुताबिक, इन रीलों में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह उन्हें काफी परेशान करने वाला और अभद्र लगा।
मंडी सांसद ने आगे कहा कि भारत अलग-अलग तरह के खूबसूरत लोगों का देश है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कुछ युवाओं की सोशल मीडिया पोस्ट और उनके व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कंगना ने दावा किया कि कुछ युवा खुद को ‘कॉकरोच’ तक कह रहे हैं और उनका व्यवहार भी उसी तरह का नजर आता है।

कंगना ने अपनी पोस्ट में प्रदर्शनकारियों की भाषा और उनके बात करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इतना भद्दा और अजीब व्यवहार एक साथ कभी नहीं देखा। कंगना ने Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी रील्स को भी बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इन्हें देखकर उन्हें उल्टी जैसा महसूस होता है। कंगना ने कहा कि कुछ महिलाएं बिना उस स्वतंत्रता को हासिल किए स्वतंत्र और कामकाजी महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं।
कंगना ने अपनी पोस्ट में कहा कि जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र हैं, वे अपनी जिंदगी अपने दम पर जीती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाएं अपने माता-पिता या परिवार की कमाई के सहारे अपनी स्वतंत्रता का प्रदर्शन नहीं करतीं, बल्कि खुद अपने पैरों पर खड़ी होती हैं।
भाजपा सांसद ने अपनी पोस्ट में तथाकथित पश्चिमी सोच अपनाने वाली भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी को लेकर भी तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस समूह के लिए ‘जनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया और दावा किया कि इनमें से कुछ लोगों के पास व्यवस्था या समाज को देने के लिए कुछ नहीं है।
कंगना ने अपनी पोस्ट में कुछ महिलाओं की पढ़ाई और निजी जिंदगी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महिलाएं पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और न ही पारंपरिक गृहस्थ जीवन को अपनाने की स्थिति में हैं। इसके साथ ही उन्होंने कुछ युवाओं की ओर से ड्रग्स, शराब और निजी संबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर किए जाने वाले प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए।
कंगना ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ युवा खुद को स्वतंत्र बताते हैं, लेकिन वास्तव में वे अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर हैं। उनका कहना था कि अगर कोई व्यक्ति वास्तव में स्वतंत्र जीवन जीना चाहता है तो उसे अपने फैसलों और जीवन की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए।
कंगना रनौत ने अपनी पोस्ट के आखिर में स्वतंत्रता और जिम्मेदारी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आजादी हासिल करनी पड़ती है और उसके साथ जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। कंगना ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बिना जिम्मेदारी उठाए खुद को स्वतंत्र बताकर जीने की कोशिश करता है, तो वह उनके मुताबिक सिर्फ एक बिगड़ा हुआ इंसान है। उन्होंने इसके लिए ‘गटर छाप’ जैसे शब्द का भी इस्तेमाल किया।
लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय पर मंगलवार शाम महिला कांग्रेस के नेतृत्व में कंगना रनौत के खिलाफ नारेबाजी की गई। कंगना रनौत की इन टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस की महिला नेता और कार्यकर्ता कंगना रनौत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रही थीं। पुलिस ने चौराहे पर उन्हें रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों ने कंगना रनौत का पुतला फूंकने की कोशिश की। पुलिस ने पुतला छीनने का प्रयास किया, जिसके चलते कुछ देर धक्का-मुक्की हुई। गौतम पल्ली इंस्पेक्टर ने जलता हुआ पुतला प्रदर्शनकारियों से छीन लिया।
इसके बाद कांग्रेस की महिला नेताओं ने कागज पर कंगना की तस्वीर लगाकर उसे चप्पलों से पीटा और फिर आग लगा दी। इस दौरान कंगना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। महिला नेताओं ने कंगना रनौत से माफी मांगने की मांग की।