#विविध

May 29, 2026

पूर्व HAS अधिकारी ने पंचायत चुनाव में मारी बाजी- 130 वोटों से जीत दर्ज कर बने प्रधान, हर ओर चर्चा

रिटायरमेंट के बाद गांव की राजनीति में उतरे पूर्व HAS अधिकारी

शेयर करें:

gahan panchayat ghanshyam chand has officer retired pradhan himachal elections shimla

शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के दूसरे चरण के नतीजों ने कई रोचक तस्वीरें पेश की हैं। इसी बीच शिमला जिले के ननखड़ी विकास खंड की गाहन पंचायत से सामने आया परिणाम सबसे अधिक चर्चा में बना हुआ है।

पूर्व HAS अधिकारी ने मारी बाजी

यहां से सेवानिवृत्त HAS अधिकारी घनश्याम चंद ने प्रधान पद का चुनाव जीतकर एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 130 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : 97 की उम्र में लड़ा उप-प्रधान का चुनाव, मिले मात्र 43 वोट; हार के बाद भी हौसले बुलंद

हर ओर हो रही चर्चा

59 वर्षीय घनश्याम चंद ने पिछले वर्ष ही प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति ली थी। सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं और लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ अपनी पहचान बनाई। ऐसे में जब उन्होंने पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ने का फैसला किया, तो यह निर्णय पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

गांव की राजनीति में रखा कदम

गांव स्तर की राजनीति में आमतौर पर स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में एक पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का सीधे पंचायत चुनाव के मैदान में उतरना लोगों के लिए अलग और दिलचस्प अनुभव रहा। चुनावी माहौल के दौरान उनके नाम को लेकर गांवों से लेकर सोशल मीडिया तक खूब चर्चाएं होती रहीं।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में तूफान का अलर्ट- कई जिलों में खतरे की घंटी, जमकर होगी बारिश और ओलावृष्टि

130 वोटों से जीत दर्ज कर बने प्रधान

कई लोगों का मानना था कि प्रशासनिक अनुभव और पहचान के चलते उनकी जीत आसान होगी। जबकि कुछ लोगों को लगता था कि सरकारी सेवा का लंबा अनुभव पंचायत चुनाव में जरूरी नहीं कि राजनीतिक सफलता में बदल जाए। चुनाव परिणाम आने तक तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे, लेकिन मतदाताओं ने अपने फैसले से सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।

 

घनश्याम चंद प्रशासनिक सेवा के दौरान कई अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, मिल्कफैड के प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार तथा परिवहन विभाग के सचिव जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाले।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : चुनाव ड्यूटी छोड़ प्रचार करने पहुंच गया पटवारी, गिरी गाज- DC ने किया सस्पेंड

लोगों में जगी हैं नई उम्मीदें

गाहन पंचायत में उनकी जीत के बाद स्थानीय लोगों में नई उम्मीदें जगी हैं। ग्रामीणों का मानना है कि शासन-प्रशासन की गहरी जानकारी रखने वाले प्रधान के नेतृत्व में-

  • पंचायत को विकास योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकता है।
  • सरकारी प्रक्रियाओं की समझ और अनुभव के बल पर पंचायत में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
  • योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल पंचायत चुनाव में सियासी बवाल: अपने ही गांव में घिरे कांग्रेस विधायक, लगे मुर्दाबाद के नारे

बहुत कम होते हैं ऐसे मामले

हिमाचल प्रदेश की पंचायत राजनीति में ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं- जब कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद सीधे ग्रामीण लोकतंत्र का हिस्सा बनने के लिए चुनावी मैदान में उतरता है। घनश्याम चंद की जीत इस बात का संकेत भी मानी जा रही है कि अनुभव और जनविश्वास का मेल होने पर मतदाता पारंपरिक राजनीतिक सोच से हटकर भी फैसला लेने में संकोच नहीं करते।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख