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September 21, 2026
हिमाचल : 8 दिन बाद सतलुज से मिली पिता की देह, सौतेली बेटी अभी भी लापता- खुले कई राज
कुलदीप की मां, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला स्थित सुन्नी के ओगली क्षेत्र से पिता-बेटी के लापता होने का मामला आठ दिन बाद भी रहस्य बना हुआ है। इस बीच सतलुज नदी से कुलदीप का शव मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
पिता का अंतिम संस्कार हो चुका है, लेकिन 18 वर्षीय सौतेली बेटी स्नेहा अभी भी लापता है। परिवार अब उसकी सुरक्षित वापसी के लिए पुलिस और प्रशासन से लगातार मदद की गुहार लगा रहा है।
कुलदीप का शव सुन्नी से करीब 40 किलोमीटर दूर मंडी जिले के निहरी पुलिस थाना क्षेत्र के दोगरी के पास सतलुज नदी से बरामद हुआ। रविवार को परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान की। इसके बाद शव को अस्पताल ले जाया गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और सुन्नी में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
कुलदीप के शव की बरामदगी के बाद अब पुलिस की जांच का सबसे अहम केंद्र उनकी बेटी स्नेहा है। पिता के साथ ही स्नेहा भी 13 सितंबर से लापता है। कई दिन बीतने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में जांच के साथ तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला है। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के अलावा CCTV फुटेज की भी जांच की गई है।
जांच के दौरान पिता-बेटी की आखिरी लोकेशन ओगली क्षेत्र में पेट्रोल पंप के पास मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।कुलदीप की पिकअप भी ओगली के पास सड़क किनारे मिली थी। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा हुआ था। इस वजह से परिवार को शुरू से ही किसी अनहोनी की आशंका थी।
कुलदीप का शव सतलुज से मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। परिवार को आशंका है कि कुलदीप की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई और उनकी बेटी स्नेहा के साथ भी कोई अनहोनी हो सकती है।
परिजनों ने पुलिस से मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर करने की मांग की है। हालांकि, हत्या या अपहरण की आशंका फिलहाल परिवार की ओर से जताई गई है और इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
कुलदीप मंडी जिले के चराई गांव, ग्राम पंचायत पंडओ, तहसील करसोग के रहने वाले थे। परिवार के मुताबिक वह घर का अहम सहारा थे। उनके निधन के बाद परिवार सदमे में है। बताया गया कि कुलदीप की मां के लिए भी वह बड़ा सहारा थे। करीब 32 वर्ष पहले उनकी मां की आंखों की रोशनी चली गई थी। ऐसे में परिवार के अनुसार कुलदीप लंबे समय से मां की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
कुलदीप की पत्नी सुनीता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से स्नेहा को जल्द तलाशने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पति की मौत के बाद परिवार पहले ही गहरे सदमे में है और अब उनकी सबसे बड़ी चिंता बेटी को लेकर है। सुनीता के अनुसार परिवार की पूरी उम्मीद अब स्नेहा के सुरक्षित मिलने पर टिकी है। परिवार लगातार पुलिस से उसकी तलाश तेज करने की मांग कर रहा है।
सुनीता के कुलदीप से दो बच्चे हैं, जिनमें बेटा दूसरी कक्षा और बेटी चौथी कक्षा में पढ़ती है। पहली शादी से हुई उनकी दो बेटियां भी सुनीता के साथ रहती हैं। इनमें बड़ी बेटी स्नेहा लापता है और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। कुलदीप का शव घर पहुंचते ही परिवार में मातम पसर गया। कुलदीप की मां और पत्नी सुनीता और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।