#अपराध
June 25, 2026
हिमाचल में लाखों का चिट्टा बेचने आए थे 3 पंजाबी : डीलर तक पहुंचने से पहले पुलिस ने धरे
नेटवर्क खंगाले में जुटी पुलिस टीम
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जारी अभियान के बीच स्टेट टास्क फोर्स STF को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिलासपुर जिले में फोरलेन मार्ग पर की गई विशेष नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक स्कार्पियो वाहन से लाखों का चिट्टा बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच एजेंसियों को संकेत मिले थे कि पंजाब की ओर से हिमाचल में नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाई जा सकती है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्टेट टास्क फोर्स सेंट्रल रेंज मंडी की टीम ने तुरंत रणनीति तैयार की और बिलासपुर जिले के दर्शानी क्षेत्र में फोरलेन मार्ग पर विशेष नाकाबंदी लगाई।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस और STF की संयुक्त टीम आने-जाने वाले वाहनों की गहन जांच कर रही थी। इसी दौरान पंजाब नंबर की एक स्कार्पियो गाड़ी वहां पहुंची। वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर टीम ने उसे रोककर जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान वाहन में बैठे लोग असामान्य रूप से घबराए हुए दिखाई दिए। उनके हावभाव को देखते हुए टीम का संदेह और बढ़ गया। इसके बाद वाहन की विस्तृत तलाशी ली गई, जिसमें छिपाकर रखा गया 101 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
बरामद किए गए चिट्टे की कीमत अवैध बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह खेप किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है और इसे आगे सप्लाई किए जाने की तैयारी थी। बरामदगी के बाद टीम ने नशीले पदार्थ के साथ वाहन को भी कब्जे में ले लिया।
अधिकारियों का कहना है कि नशे की इस खेप की उत्पत्ति और इसके अंतिम गंतव्य का पता लगाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं।
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंजाब के मोगा क्षेत्र से जुड़े तीन व्यक्तियों के रूप में हुई है। तीनों को मौके पर ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई थी।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी मोगा, पंजाब का रहने वाला है। आरोपियों की पहचान-
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि नशीले पदार्थ की खरीद कहां से की गई थी और इसे किस क्षेत्र में पहुंचाया जाना था। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
STF टीम ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। झंडूता थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों में केवल बरामदगी तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। यही कारण है कि प्रत्येक मामले में वित्तीय और तकनीकी जांच को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रदेश पुलिस और STF द्वारा हाल के महीनों में नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न जिलों में की जा रही नाकेबंदी, गुप्त सूचनाओं पर कार्रवाई और अंतरराज्यीय नेटवर्क की निगरानी के कारण कई बड़े मामलों का खुलासा हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि अगर उन्हें नशा तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।