#धर्म
August 14, 2026
हिमाचल : सावन में बाबा भूतनाथ का दिव्य शृंगार, 1100 कमल के फूलों से सजा दरबार- उमड़े भक्त
पवित्र जल से हुआ बाबा भूतनाथ का अभिषेक
शेयर करें:

मंडी। सावन का महीना आते ही देवभूमि हिमाचल के शिवालयों में आस्था का रंग और गहरा हो जाता है। सुबह से मंदिरों में गूंजते भोलेनाथ के जयकारे और शाम को होने वाली विशेष पूजा-अर्चना श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है।
मंडी के प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर में भी बुधवार शाम कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां स्वयंभू शिवलिंग को 1100 कमल के फूलों से सजाया गया तो पूरा मंदिर परिसर भक्ति और आस्था से सराबोर हो उठा। फूलों से सजे शिवलिंग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और इस विशेष शृंगार के साक्षी बने।
विशेष शृंगार का आयोजन मंदिर के महंत बाबा देवानंद सरस्वती के सान्निध्य में विधि-विधान से किया गया। इसके लिए कमल के फूल पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से मंगवाए गए थे। शाम करीब 9 बजे श्रद्धालुओं ने गर्भगृह और मंदिर परिसर को फूलों से सजाना शुरू किया। देखते ही देखते स्वयंभू शिवलिंग 1100 कमल के फूलों से सुसज्जित हो गया।
आरती के दौरान जब श्रद्धालुओं ने फूलों से सजे बाबा भूतनाथ के दर्शन किए तो मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बन गया। श्रद्धालुओं में विशेष शृंगार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
विशेष शृंगार से पहले बुधवार सुबह भी मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा। ऐतिहासिक शिवा बावड़ी से लाए गए पवित्र जल से बाबा भूतनाथ का जलाभिषेक किया गया। महंत बाबा देवानंद सरस्वती की अगुवाई में सुबह करीब 11:30 बजे शहर में कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
दोपहर करीब 3 बजे मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। इसके साथ ही ललिता सहस्रनाम पाठ का आयोजन भी हुआ। पूरे दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
महंत बाबा देवानंद सरस्वती ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है और इस दौरान शिव आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। बाबा भूतनाथ के विशेष शृंगार में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहयोग किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ना है।
बुधवार शाम 1100 कमल के फूलों से सजे स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे श्रद्धालु इस अनोखे शृंगार को देखकर भाव-विभोर नजर आए। मंदिर परिसर में देर शाम तक हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।