#अपराध
June 1, 2026
हिमाचल पुलिस के हत्थे चढ़ी 'अंवतिका', ढेर सारा चिट्टा भी बरामद- पंजाबी संग चला रही थी धंधा
नशे के नेटवर्क पर पुलिस का कड़ा एक्शन, घर पर मारी रेड
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस टीम को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियना के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में पुलिस टीम ने एक 19 वर्षीय युवती समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई में भारी मात्रा में हेरोइन, मेथामफेटामाइन (आइस) और नकदी बरामद की गई है। जांच के दौरान पुलिस ने न केवल स्थानीय स्तर पर सक्रिय आरोपियों को पकड़ा, बल्कि नशे की सप्लाई से जुड़े मुख्य स्रोत तक भी पहुंच बनाई।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को बीती 29 मई को सूचना मिली थी कि ढली क्षेत्र में एक मकान के भीतर नशीले पदार्थ रखे गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मौके पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान युवती समेत दो लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच में उनके कब्जे से 65 ग्राम हेरोइन और 20 ग्राम आइस मिली। आरोपियों की पहचान अवंतिका नेगी (19) निवासी बांश्टू, ढली और प्रद्युम्न ठाकुर (20), निवासी तकनावल ठियोग के रूप में हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनसे यह संकेत मिला कि बरामद नशा हिमाचल से बाहर किसी अन्य राज्य से लाया गया था। इसके बाद जांच टीम ने मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया।
जांच की कड़ियां पंजाब के खरड़ क्षेत्र तक पहुंचीं, जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कथित मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान समर सिंह उर्फ टाइगर (32) निवासी फिरोजपुर के रूप में हुई- जो कि वर्तमान में शिवजोत कॉलोनी खरड़ में रह रहा था।
तीसरे आरोपी के पास से भी बड़ी मात्रा में हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद हुई। पुलिस ने टाइगर से 131 ग्राम चिट्टा, 27 ग्राम आइस और ₹60,400 बरामद किए। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 196 ग्राम चिट्टा, 47 ग्राम आइस और 60 हजार रुपये से अधिक नकदी बरामद की जा चुकी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके तार किन-किन क्षेत्रों तक फैले हुए हैं। पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे तस्करी तंत्र को उजागर किया जा सके।
मामले में ढली थाना में NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अदालत में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
शिमला पुलिस का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान नशा तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर अब तक 43 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि केवल नशा बरामद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत सप्लाई चेन के हर स्तर तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।